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कम समय में देखनी है अच्छी फिल्म? ZEE5 पर फ्री में स्ट्रीम हो रही 'देवयानी', सिर्फ कुछ मिनटों में दिल छू जाएगी फिल्म

फिल्म की कहानी एक ऐसे पुलिस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे पता चलता है कि उसकी पत्नी के गर्भ में बेटी है. इसके बाद वह पत्नी की प्रेग्नेंसी जारी रखने के फैसले का विरोध करने लगता है.

Devyani short Film
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 12 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:08 AM IST
  • ZEE5 पर फ्री में देखें देवयानी
  • बेटी के लिए पिता की सोच बदल देगी कहानी

बेटी के जन्म को लेकर समाज में मौजूद डर और सोच को दिखाने वाली ड्रामा-सस्पेंस फिल्म 'देवयानी' ZEE5 पर फ्री में स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है. फिल्म में असम सरकार के IT डिपार्टमेंट के सचिव अश्वनी कुमार ने पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई है. फिल्म में उनके साथ अर्चना गौतम नजर आ रही हैं. फिल्म का निर्देशन आशीष के. पांडा ने किया है, जबकि कहानी अनवरुल्लाह खान ने लिखी है.

क्या है देवयानी की कहानी?
फिल्म की कहानी एक ऐसे पुलिस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे पता चलता है कि उसकी पत्नी के गर्भ में बेटी है. इसके बाद वह पत्नी की प्रेग्नेंसी जारी रखने के फैसले का विरोध करने लगता है. लेकिन कहानी में उसे बेटियों से नफरत करने वाले व्यक्ति के तौर पर नहीं दिखाया गया है. उसका डर समाज में बेटियों की सुरक्षा, दहेज और उनके सामने आने वाली परेशानियों को लेकर है. वह सोचता है कि जिस समाज में बेटियों के लिए घर से बाहर निकलना भी आसान नहीं है, वहां अपनी बेटी की सुरक्षा कैसे कर पाएगा. फिल्म इसी डर को कहानी का आधार बनाती है. पिता का विरोध सिर्फ बेटी को कमतर समझने की वजह से नहीं है, बल्कि उसे इस बात का डर है कि समाज उसकी बेटी के साथ कैसा व्यवहार करेगा.

एक घटना से बदलती है पिता की सोच
कहानी आगे बढ़ती है तो एक घटना पुलिस अधिकारी की सोच बदल देती है. जो पिता शुरुआत में गर्भ जारी रखने का विरोध कर रहा था, वही बाद में पत्नी और बच्चे के साथ खड़ा हो जाता है. वह अपनी बेटी को जन्म देने का फैसला करता है और उसका नाम देवयानी रखता है. यहीं से फिल्म डर से उम्मीद की तरफ बढ़ती है. 

फिल्म में महिला भ्रूण हत्या का मुद्दा
देवयानी का मुख्य मुद्दा महिला भ्रूण हत्या है. फिल्म यह दिखाने की कोशिश करती है कि बेटी को जन्म लेने से रोकने के पीछे हमेशा बेटियों को कमतर समझने की सोच ही जिम्मेदार नहीं होती. कई बार परिवार सामाजिक दबाव, सुरक्षा और आर्थिक परेशानियों के डर से भी ऐसा फैसला लेने की ओर बढ़ते हैं. फिल्म इसी सोच पर सवाल उठाती है कि अगर समाज बेटियों के लिए सुरक्षित और बेहतर हो, तो क्या माता-पिता का डर भी कम नहीं होगा?

IIT मद्रास से पढ़े हैं अश्वनी कुमार
फिल्म में पुलिस अधिकारी का किरदार निभाने वाले अश्वनी कुमार असम सरकार में IT विभाग के सचिव और DITEC के निदेशक हैं. वे IIT मद्रास के पूर्व छात्र और करियर सिविल सर्वेंट हैं.

 

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