अजय देवगन की फिल्म Drishyam: The Conclusion बॉक्स ऑफिस पर लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रही है. फिल्म ने रिलीज के सिर्फ 5 दिनों में भारत में 200 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर लिया है. खास बात यह है कि मंगलवार को भी मेकर्स ने टिकटों पर किसी तरह का डिस्काउंट नहीं दिया, इसके बावजूद फिल्म की कमाई में बड़ी गिरावट नहीं आई. फिल्म ने पांचवें दिन यानी मंगलवार को 19 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया.
'दृश्यम' 3 ने वर्ल्डवाइड कलेक्शन 341 करोड़ के पार
फिल्म ने पांचवें दिन भारत में 16,075 शोज से 19 करोड़ रुपए नेट कमाए. इसके साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 216.50 करोड़ रुपए और ग्रॉस कलेक्शन 259.80 करोड़ रुपए हो गया है. विदेशों में फिल्म ने पांचवें दिन करीब 9.50 करोड़ रुपए कमाए. इसका ओवरसीज ग्रॉस अब 81.50 करोड़ रुपए पहुंच गया है. भारत और विदेशों की कमाई मिलाकर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 341.30 करोड़ रुपए हो चुका है. फिल्म ने शुक्रवार को 62 करोड़, शनिवार को 53.50 करोड़ और रविवार को 61 करोड़ रुपए कमाए थे. रविवार की कमाई लगभग ओपनिंग डे के बराबर रही. इसके बाद वीकडेज में भी फिल्म ने अपनी पकड़ बनाए रखी है.
चार साल बाद फिर सामने आया विजय सलगांवकर
'दृश्यम' फ्रेंचाइजी के फैंस पिछले चार साल से विजय सलगांवकर की कहानी के अगले और आखिरी पड़ाव का इंतजार कर रहे थे. पहली दो फिल्मों में पुलिस को मात देने वाला विजय अब तीसरी फिल्म में एक बार फिर मुश्किल में नजर आता है. कहानी 'दृश्यम 2' की घटनाओं के करीब छह महीने बाद शुरू होती है. विजय और उसका परिवार सामान्य जिंदगी में लौटने की कोशिश कर रहा है. हालांकि पुराने केस का डर अभी भी परिवार के पीछे लगा हुआ है.
नए पुलिस अफसर की एंट्री से फिर खुलता है केस
कहानी में बड़ा बदलाव तब आता है, जब जयदीप अहलावत की एंट्री पुलिस अधिकारी राजवीर सिंह तोमर के रूप में होती है. उसे पुराने केस की दोबारा जांच की जिम्मेदारी मिलती है. जांच आगे बढ़ने के साथ नए सबूत सामने आते हैं और विजय का परिवार फिर पुलिस के निशाने पर आ जाता है. इसके बाद फिल्म में एक बार फिर वही खेल शुरू होता है. पुलिस विजय तक पहुंचने की कोशिश करती है, जबकि विजय हर बार खुद को बचाने और पुलिस से एक कदम आगे रहने की कोशिश करता है.
ट्विस्ट हैं, लेकिन क्लाइमैक्स उतना यादगार नहीं
फिल्म में नए सबूत, नए किरदार और कई ट्विस्ट देखने को मिलते हैं. अजय देवगन एक बार फिर विजय सलगांवकर के किरदार में मजबूत नजर आते हैं. फिल्म करीब ढाई घंटे की है और कहानी दर्शकों को बांधे रखने की कोशिश करती है. हालांकि, फिल्म से जिस जबरदस्त और यादगार क्लाइमैक्स की उम्मीद की जा रही थी, वह पूरी तरह वैसा असर नहीं छोड़ पाता. इसके बावजूद 'दृश्यम 3' फ्रेंचाइजी के पुराने फैंस के लिए विजय की कहानी को आगे बढ़ाने वाली एक अहम कड़ी बनकर सामने आती है.