फोटोशूट के लिए हथिनी पर चढ़ाया गुलाबी रंग, अब मौत के बाद वायरल हो रहा वीडियो, उठ रहे गंभीर सवाल

राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने कला और वन्यजीव संरक्षण के बीच एक नई बहस छेड़ दी है.

Pink Elephant controversy
gnttv.com
  • जयपुर,
  • 31 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:46 PM IST

गुलाबी नगरी के नाम से मशहूर जयपुर अपने शाही किलों, हवेलियों और हाथियों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. लेकिन हाल ही में एक विदेशी फोटोग्राफर द्वारा हथिनी को चमकीले गुलाबी रंग में रंगकर किए गए फोटोशूट ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. जहां कुछ लोग इसे एक कलात्मक प्रयोग बता रहे हैं, वहीं वन्यजीव प्रेमी और स्थानीय लोग इसे जानवर के साथ अत्याचार मानते हुए विरोध कर रहे हैं. इस विवाद को और बढ़ाने वाला तथ्य यह है कि शूट के कुछ महीनों बाद हथिनी की मौत हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है.

फोटोग्राफर जूलिया बुरुलेवा की बोल्ड सोच
दरअसल रूस की ट्रैवलिंग आर्ट फोटोग्राफर जूलिया बुरुलेवा ने जयपुर में लगभग छह हफ्ते बिताए. शहर की विरासत, वास्तुकला और खासकर पिंक सिटी की पहचान से प्रभावित होकर उन्होंने एक अनोखा और बोल्ड फोटोशूट करने का फैसला किया. उनकी कल्पना थी कि शहर की थीम के अनुरूप एक मॉडल और गुलाबी रंग में रंगा हुआ हाथी फोटो में दिखाई दे.

लेकिन भारत जैसे पारंपरिक समाज में इस तरह के कॉन्सेप्ट के लिए मॉडल ढूंढना आसान नहीं था. कई बार इनकार मिलने के बाद आखिरकार मॉडल यशस्वी इस प्रोजेक्ट के लिए तैयार हुईं और शूट पूरा किया गया.

हाथी को रंगने पर उठे सवाल
हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष बल्लू खान का दावा है कि हथिनी पर इस्तेमाल किया गया रंग पूरी तरह से ऑर्गेनिक था. वही रंग जो त्योहारों में लोगों पर लगाया जाता है. उनका कहना है कि इससे जानवर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.

बताया जा रहा है कि यह शूट पिछले साल हुआ था और इसमें 65 साल की हथिनी 'चंचल' का इस्तेमाल किया गया, जो सामान्यत सवारी के लिए नहीं लाई जाती थी. दावा किया गया कि फोटोशूट केवल 10 मिनट चला और उसके बाद रंग को तुरंत पानी से धो दिया गया.

मामला तब और गर्मा गया जब सामने आया कि फोटोशूट के लगभग तीन महीने बाद हथिनी चंचल की मौत हो गई. इससे सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या फोटोशूट का चंचल की सेहत पर कोई असर पड़ा था, या यह सिर्फ एक संयोग था?

वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि भले ही रंग ऑर्गेनिक रहा हो, लेकिन किसी भी जानवर को सजावट के लिए रंगना नैतिक रूप से गलत है. वहीं, शूट से जुड़े लोगों का कहना है कि चंचल की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई और इसका फोटोशूट से कोई संबंध नहीं है. फिलहाल इस पूरे मामले पर ज्यादा आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन चंचल की मौत और पिंक शूट वायरल होने के बाद लोग यह मांग कर रहे हैं कि जानवरों के साथ होने वाली इस तरह की 'कला गतिविधियों' पर स्पष्ट नियम बनाए जाएं और घटना की जांच की जाए.

(रिपोर्ट- विशाल शर्मा)

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