Advertisement

कंगना रनौत बोलीं- फिल्मों ने महिलाओं को अक्सर गलत नजरिए से दिखाया, लेकिन हर चीज पर ट्रोलिंग भी ठीक नहीं

कंगना की फिल्म भारत भाग्य विधाता 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. इसका निर्देशन मनोज टापड़िया ने किया है. फिल्म 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान मुंबई के कामा एंड अल्बलेस अस्पताल की उन बहादुर नर्सों की सच्ची कहानी को श्रद्धांजलि देती है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना करीब 400 लोगों की जान बचाई थी. फिल्म में कंगना लीड रोल में हैं.

kangana ranaut bharat bhagya vidhata
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 08 जून 2026,
  • अपडेटेड 4:48 PM IST

एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' के प्रमोशन में व्यस्त हैं. इसी दौरान उन्होंने फिल्मों में महिलाओं के हाइपरसेक्सुअलाइजेशन और ऑब्जेक्टिफिकेशन (वस्तु की तरह पेश करने) को लेकर खुलकर बात की. कंगना ने कहा कि फिल्मों में महिलाओं को लेकर नजरिया कई बार कठोर रहा है, लेकिन हर चीज को बिना समझे ट्रोल करना भी सही नहीं है.

फिल्मों तक सीमित नहीं है महिलाओं का ऑब्जेक्टिफिकेशन
इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में कंगना से पूछा गया कि जब आज की अभिनेत्रियां मजबूत और बेहतर किरदारों की मांग कर रही हैं, तब भी मुख्यधारा की फिल्मों में महिलाओं को ग्लैमरस और हाइपरसेक्सुअलाइज्ड रूप में क्यों दिखाया जाता है. इस सवाल पर कंगना ने कहा कि महिलाओं का ऑब्जेक्टिफिकेशन सिर्फ फिल्मों में नहीं होता. उन्होंने कहा, 'अगर आप लोकल ट्रेन या बस में भी जाएं तो वहां भी महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की और गलत व्यवहार देखने को मिलता है. सड़क पर भी ऐसी घटनाएं होती हैं. इसलिए सिर्फ फिल्मों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है.'

फिल्मों का नजरिया महिलाओं के प्रति रहा है कठोर
हालांकि कंगना ने यह भी माना कि फिल्मों में महिलाओं को कई बार गलत तरीके से दिखाया गया है. उन्होंने पुराने आइटम सॉन्ग्स का उदाहरण देते हुए कहा कि फिल्मों का नजरिया महिलाओं के प्रति काफी कठोर रहा है. कंगना ने कहा, "चाहे 'सेक्सी-सेक्सी मुझे लोग बोले' जैसे गाने हों या 'सरकाइलो खटिया'... ऐसे कई उदाहरण हैं जहां महिलाओं को एक खास नजरिए से पेश किया गया."

अश्लीलता और आकर्षण के बीच फर्क नहीं रहता
कंगना का मानना है कि मनोरंजन की दुनिया में कई बार आकर्षण, संवेदनशीलता और अश्लीलता के बीच का फर्क साफ नहीं रह जाता. यह कभी जानबूझकर तो कभी अनजाने में होता है. उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री की प्रकृति ही ऐसी है, जहां कई बार इन सीमाओं का मिश्रण देखने को मिलता है.

हर चीज पर ट्रोलिंग करना भी गलत
कंगना ने सोशल मीडिया पर बढ़ती ट्रोलिंग संस्कृति पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि बदलाव और सुधार जरूरी हैं, लेकिन आजकल लोग किसी भी चीज को बिना समझे निशाना बनाने लगते हैं. उन्होंने कहा, 'संवेदनशीलता और कामुकता भी कला का हिस्सा हैं. कई बार कहानी की जरूरत के हिसाब से ऐसे दृश्य या किरदार दिखाए जाते हैं. फिल्म इंडस्ट्री कोई शिक्षा का विषय नहीं है, लोग यहां मनोरंजन के लिए आते हैं.'

पहले कहानी समझें, फिर राय बनाएं
कंगना ने कहा कि किसी फिल्म या किरदार को जज करने से पहले उसकी कहानी और संदर्भ को समझना जरूरी है. कई बार कोई किरदार या विषय जानबूझकर ग्रे शेड में रखा जाता है क्योंकि उसकी कहानी में अहम भूमिका होती है. उन्होंने कहा कि बिना पूरी बात जाने सिर्फ ट्रोलिंग करना सही नहीं है. इससे रचनात्मक अभिव्यक्ति पर भी असर पड़ता है.

कंगना की फिल्म भारत भाग्य विधाता 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. इसका निर्देशन मनोज टापड़िया ने किया है. फिल्म 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान मुंबई के कामा एंड अल्बलेस अस्पताल की उन बहादुर नर्सों की सच्ची कहानी को श्रद्धांजलि देती है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना करीब 400 लोगों की जान बचाई थी. फिल्म में कंगना लीड रोल में हैं.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement