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कच्चा बादाम फेम अंजलि अरोड़ा को 1.2 करोड़ का कानूनी नोटिस, 12 मिनट की परफॉर्मेंस के बाद छोड़ दिया था कार्यक्रम

यूपी के कानपुर में नगाड़ा नाइट्स कार्यक्रम के आयोजक और अंजलि अरोड़ा के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है. आयोजकों ने 1.2 करोड़ रुपए का कानूनी नोटिस भेजा है. आयोजकों का आरोप है कि अंजलि सिर्फ 12 मिनट में कार्यक्रम छोड़कर चली गई. जबकि 45 मिनट की प्रस्तुति का कार्यक्रम तय था.

Anjali Arora
सिमर चावला
  • कानपुर,
  • 23 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:08 PM IST

उत्तर प्रदेश के कानपुर में आयोजित नगाड़ा नाइट्स कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंजलि अरोड़ा और आयोजकों के बीच विवाद गहरा गया है. 15 अक्टूबर को हुए इस कार्यक्रम के सिलसिले में आयोजकों ने अंजलि को 1.20 करोड़ रुपये का कानूनी नोटिस भेजा है. आयोजकों का आरोप है कि तय शर्तों के मुताबिक 45 मिनट की प्रस्तुति देने के बजाय अंजलि ने करीब 12 मिनट तक ही डांस किया और फिर कार्यक्रम से चली गईं.

आयोजकों का दावा है कि अंजलि को कार्यक्रम के लिए 2.75 लाख रुपये दिए गए थे. उनके मुताबिक इस घटनाक्रम के बाद स्पॉन्सरों ने भुगतान की पूरी रकम रोक ली, जिससे उन्हें लगभग 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ. इस मामले में आयोजकों ने स्वरूप नगर थाने में शिकायत देकर अंजलि के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की है.

मैनेजर से बातचीत के बाद 3 लाख में तय हुआ था कार्यक्रम-
वरिष्ठ अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी के अनुसार, 15 अक्टूबर को लाजपत भवन लॉन में नगाड़ा नाइट्स का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम को शोर बैंड के संचालक अमन निगम, डिजिटल मार्केटिंग कंपनी के संचालक आशीष कुमार और इवेंट प्लानर अनुभव राज ने आयोजित किया था.

वकील के मुताबिक, अंजलि की मैनेजर प्रीति दुबे के साथ बातचीत के बाद उनकी प्रस्तुति के लिए तीन लाख रुपये तय किए गए थे. आयोजकों ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2.75 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे. इसके अलावा अंजलि और उनकी टीम के चार सदस्यों के हवाई सफर, ठहरने और खाने-पीने का खर्च भी आयोजकों ने उठाया था.

आयोजकों ने आरोप लगाया कि 15 अक्टूबर को शाम करीब चार बजे कानपुर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद अंजलि ने बकाया 75 हजार रुपये मिलने तक बाहर आने से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि शेष रकम का भुगतान किए जाने के बाद ही वह अपनी टीम के साथ एयरपोर्ट से बाहर निकलीं.

देर से शुरू हुई प्रस्तुति, कुछ ही देर में खत्म हुआ कार्यक्रम-
अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी के अनुसार अंजलि की परफॉर्मेंस रात नौ बजे से 9:45 बजे के बीच निर्धारित थी. हालांकि, वह करीब 9:45 बजे मंच पर पहुंचीं. आयोजकों का आरोप है कि लगभग 12 मिनट तक प्रस्तुति देने के बाद अंजलि की मैनेजमेंट टीम के साथ कहासुनी हुई और वह कार्यक्रम छोड़कर चली गईं.

आयोजकों का कहना है कि इस घटनाक्रम से स्पॉन्सर नाराज हो गए और उन्होंने पूरी रकम का भुगतान नहीं किया. इसके चलते उन्हें करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ. उनका दावा है कि विवाद के कारण उनकी कारोबारी प्रतिष्ठा भी प्रभावित हुई और उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा.

इसी आधार पर भेजे गए कानूनी नोटिस में कुल 1.20 करोड़ रुपये की मांग की गई है. आयोजकों ने 20 लाख रुपये आर्थिक नुकसान के लिए और शेष एक करोड़ रुपये कथित सामाजिक, व्यावसायिक तथा मानसिक क्षति के एवज में मांगे हैं.

अधिवक्ता ने कहा कि यदि पुलिस उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं करती है, तो वे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने मामला उठाएंगे. आयोजकों ने अंजलि से कानपुर के लोगों से माफी मांगने की मांग भी की है.

'कच्चा बादाम' गाना बजने पर नाराजगी का आरोप-
कार्यक्रम के आयोजक अमन निगम ने अंजलि की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया. उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान अंजलि का व्यवहार वहां मौजूद लोगों ने देखा था. अमन के मुताबिक, 'कच्चा बादाम' गाना बजने के बाद अंजलि नाराज हो गई थीं, जबकि इसी गाने से उन्हें व्यापक पहचान मिली थी.

आयोजक ने आरोप लगाया कि गाना बजते ही अंजलि ने आपत्ति जताई और वहां मौजूद लोगों के प्रति नाराजगी जाहिर की. इसके बाद उन्होंने आयोजन से जुड़े लोगों को भी खरी-खोटी सुनाई. अमन का कहना है कि यदि अंजलि को गाने या कार्यक्रम की किसी व्यवस्था पर आपत्ति थी, तो उन्हें पहले ही अपनी शर्तें और निर्देश स्पष्ट कर देने चाहिए थे.

अंजलि का जवाब- गाने से नहीं, निजता और सुरक्षा को लेकर थी आपत्ति
विवाद सामने आने के बाद अंजलि अरोड़ा ने 19 अक्टूबर को इंस्टाग्राम पर तीन वीडियो पोस्ट कर अपना पक्ष रखा था. उन्होंने स्पष्ट किया था कि उन्हें 'कच्चा बादाम' गाने से कोई दिक्कत नहीं है. अंजलि के मुताबिक, इसी गाने ने उन्हें बड़ी संख्या में लोगों के बीच पहचान दिलाई. उन्होंने कहा था कि उनकी परेशानी कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और निजी जीवन में दखल को लेकर थी. अंजलि ने आरोप लगाया था कि उनके कमरे की घंटी बार-बार बजाई जा रही थी और कई लोग फोटो खिंचवाने के लिए वहां पहुंच रहे थे. इस वजह से वह असहज हो गई थीं. अंजलि ने यह भी स्पष्ट किया था कि उनकी नाराजगी कानपुर की जनता से नहीं थी, बल्कि कुछ लोगों के व्यवहार से थी.

आयोजकों ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर किया था पलटवार-
अंजलि के बयान के बाद आयोजक आशीष गुप्ता ने उनके आरोपों को खारिज किया था. आशीष के मुताबिक, एयरपोर्ट से अंजलि को होटल ले जाने वाली गाड़ी में उसका मालिक भी मौजूद था. हालांकि, वापसी के दौरान गाड़ी में अंजलि के साथ केवल उनकी मैनेजर थीं. आशीष ने दावा किया था कि होटल में अंजलि की टीम के सदस्य और दो बाउंसर मौजूद थे. उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूपी की गोल्ड मेडलिस्ट महिला बाउंसर की भी व्यवस्था की गई थी.

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