दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन, 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे' समेत कई सदाबहार गीतों को दी थी आवाज

सुमन कल्याणपुर ने 'ना ना करते', 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे' और 'तुमने पुकारा' जैसे कई सुपरहिट गानों को अपनी आवाज दी थी.

Suman Kalyanpur
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 01 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:53 AM IST
  • सुमन कल्याणपुर नहीं रहीं
  • 89 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

हिंदी फिल्मों की दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का रविवार शाम मुंबई स्थित उनके आवास पर निधन हो गया. वह 89 वर्ष की थीं. परिवार और करीबी सूत्रों के अनुसार, उनका निधन उम्र संबंधी समस्याओं के कारण हुआ. सोमवार को मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. उनके परिवार में बेटी चारू हैं. सुमन कल्याणपुर को वर्ष 2023 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था. उनके निधन की खबर सामने आते ही संगीत जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई.

भारतीय संगीत जगत की अपूरणीय क्षति
सुमन कल्याणपुर के निधन पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शरद पवार और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गहरा शोक व्यक्त किया है. फडणवीस ने कहा कि सुमन कल्याणपुर का जाना भारतीय संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने छह दशक से अधिक समय तक अपनी मधुर आवाज से देश की संगीत विरासत को समृद्ध किया और करोड़ों लोगों के दिलों में खास जगह बनाई.

संगीत के स्वर्णिम युग का हुआ अंत
वहीं शरद पवार ने कहा कि सुमन कल्याणपुर के निधन के साथ भारतीय संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है. उन्होंने कहा कि उनकी आवाज आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेगी. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी शोक जताते हुए कहा कि सुमन कल्याणपुर भारतीय सुगम और फिल्म संगीत की एक अमिट पहचान थीं. उनके गीत और योगदान संगीत प्रेमियों के बीच हमेशा जीवित रहेंगे.

लता मंगेशकर के दौर में बनाई अपनी अलग पहचान
सुमन कल्याणपुरी का जन्म 28 जनवरी 1937 को अविभाजित भारत (अब बांग्लादेश) के भवानीपुर में हुआ था. सुमन कल्याणपुर ने 1960 और 1970 के दशक में हिंदी फिल्म संगीत में अपनी खास जगह बनाई. यह लता मंगेशकर का दौर था, लेकिन सुमन की मधुर और अलग अंदाज वाली आवाज ने उन्हें लाखों संगीत प्रेमियों का पसंदीदा बना दिया.

उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली, कन्नड़, असमी और उड़िया समेत कई भाषाओं में गीत गाए. उनकी गायकी की सबसे बड़ी खासियत सादगी और भावनात्मक गहराई मानी जाती थी.

ये 10 गाने हमेशा रहेंगे याद

  • आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे (ब्रह्मचारी)

  • ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे (जब जब फूल खिले)

  • तुमने पुकारा और हम चले आए (राजकुमार)

  • तुमसे ओ हसीना कभी मोहब्बत ना होती (फर्ज)

  • मेरा प्यार भी तू है, ये बहार भी तू है (साथी)

  • बहना ने भाई की कलाई से प्यार बांधा है

  • बाद मुद्दत के यह घड़ी आई (जहांआरा)

  • बुझा दिए हैं खुद अपने हाथों (शगुन)

  • ना तुम हमें जानो (बात एक रात की)

  • परबतों के पेड़ों पर शाम का बसेरा है (शगुन)

लता मंगेशकर से तुलना पर क्या कहती थीं सुमन?
सुमन कल्याणपुर की आवाज की तुलना अक्सर लता मंगेशकर से की जाती थी. हालांकि वह हमेशा इस तुलना को विनम्रता से खारिज करती थीं. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि लता मंगेशकर उनकी बेहद करीबी मित्र थीं और उनसे मिलना किसी सहेली से मिलने जैसा अनुभव होता था. अपने करियर में उन्होंने सुमन कल्याणपुर ने अपने करियर में 800 से ज्यादा फिल्मी गाने गाए.

 

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