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Musician Nabeel Khan: 7 साल की उम्र में सारंगी सीखना कर दिया था शुरू, आज देश-दुनिया में बढ़ा रहे भारत का मान, न्यूयार्क के टाइम्स स्क्वायर पर छाए संगीतकार नबील खान  

तानसेन के घराने से संबंध रखने वाले नबील खान आज भारतीय शास्त्रीय संगीत के उभरते सितारों में गिने जाते हैं. नबील ने 7 साल की उम्र में सारंगी सीखना शुरू कर दिया था. नबील खान का बचपन में क्रिकेटर बनने का ख्वाब था लेकिन उनके नाना ने उनके हाथों में सारंगी पकड़ा दी और फिर नबील आगे बढ़ते रहे. 

Nabeel Khan
मनीष चौरसिया
  • नई दिल्ली,
  • 25 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:34 AM IST

भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया में एक ऐसा युवा नाम, जो न सिर्फ परंपरा को आगे बढ़ा रहा है, बल्कि उसे दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने का मिशन भी लिए हुए है... ये कहानी है सारंगी वादक नबील खान की. नबील खान ने देश का नाम एक बार फिर से पूरी दुनिया में रौशन कर दिया है. अमेरिका के न्यूयार्क में टाइम्स स्क्वायर के बिल बोर्ड पर नबील और उनकी सारंगी पूरे 24 घंटे छाई रही. नबील का कहना है कि पहली बार सारंगी को टाइम्स स्क्वायर में ये मौका मिला है. 

तानसेन के घराने से है संबंध
दिल्ली में जन्मे नबील खान आज भारतीय शास्त्रीय संगीत के उभरते सितारों में गिने जाते हैं. साल 1999 में जन्मे नबील, सारंगी की आठवीं पीढ़ी से ताल्लुक रखते हैं और दुनिया के सबसे युवा स्थापित सारंगी वादकों में शामिल हैं. नबील खान की विरासत बेहद समृद्ध है. वे पद्म भूषण से सम्मानित महान सारंगी वादक उस्ताद सबरी खान के पोते और प्रसिद्ध कलाकार उस्ताद नासिर खान के बेटे हैं. उनका घराना मुरादाबाद सैनीया घराना है, जिसकी जड़ें महान संगीतज्ञ तानसेन तक जाती हैं. 

बचपन में क्रिकेटर बनने का ख्वाब, नाना ने पकड़ाई सारंगी
महज 7 साल की उम्र में सारंगी सीखना शुरू करने वाले नबील ने कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. 13 साल की उम्र में राष्ट्रीय टीवी पर प्रस्तुति और 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन ये उनकी प्रतिभा का सबूत है.नबील बचपन में क्रिकेटर और तबला वादक बनना चाहते थे लेकिन उनके नाना ने उन्हें सारंगी की तरफ मोड़ दिया. 

पिछले साल देश-विदेश में किए 200 शो
आज नबील खान सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि यूरोप, मिडिल ईस्ट और दुनिया के कई देशों में सारंगी की धुन बिखेर चुके हैं. नबील बताते हैं कि वे 100000 से ज्यादा दर्शकों के सामने प्रस्तुति देने वाले पहले भारतीय शास्त्रीय संगीतकार भी बन चुके हैं. पिछले साल नबील ने देश और विदेश में 200 से अधिक शोज किए हैं. नबील का कैंडल लाइट शो बहुत मशहूर हुआ है. 

SRK से हुई मुलाकात
नबील खान पारंपरिक संगीत को आधुनिक मंच से जोड़ने का काम भी कर रहे हैं. वे बॉलीवुड गीतों, गजलों और फ्यूजन म्यूजिक में भी सारंगी का इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे युवा पीढ़ी भी इस वाद्य से जुड़ रही है. नबील की मुलाकात किंग खान से भी हो चुकी है. परंपरा, प्रतिभा और तकनीक का संगम नबील खान आज सारंगी को एक नई पहचान दे रहे हैं. शायद यही वजह है कि भारत की ये प्राचीन धुन अब दुनिया के दिलों में बस रही है.

 

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