मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित दिलजीत दोसांझ की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'सतलुज' रिलीज के महज दो दिन बाद ही ZEE5 से हटा दी गई. करीब तीन साल की देरी के बाद रिलीज हुई इस फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के फैसले ने मनोरंजन जगत और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है. कई कलाकारों, फिल्मकारों और नेताओं ने इस फैसले पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है.
ZEE5 ने जारी किया आधिकारिक बयान
फिल्म हटाए जाने के बाद ZEE5 ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए 'सतलुज' फिलहाल भारत में उपलब्ध नहीं रहेगी. कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह कानूनी प्रक्रिया के तहत सभी विकल्पों पर काम कर रही है, ताकि जल्द से जल्द फिल्म को दोबारा दर्शकों तक पहुंचाया जा सके. जिसको लेकर कई नामी चेहरे ने अपनी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर शेयर किया.
हरभजन सिंह बोले- सच हमेशा दबा नहीं रह सकता
पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने फिल्म देखने के बाद लंबा बयान शेयर किया. उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग हत्याकांड इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक था, लेकिन जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी एक और बड़ा सवाल खड़ा करती है कि जब अपने ही लोगों की रक्षा करने वाली व्यवस्था पर आरोप लगें, तो उससे बड़ा दर्द क्या हो सकता है.
उन्होंने कहा कि पुलिस का काम निर्दोषों की रक्षा करना है, न कि सत्ता का दुरुपयोग करना. हरभजन ने आरोपित अवैध गुमशुदगियों और गुप्त अंतिम संस्कारों का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब के कई परिवार आज भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने निर्देशक हनी त्रेहान और दिलजीत दोसांझ की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी दुनिया तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण काम किया है.
फिल्म इंडस्ट्री की चुप्पी पर भड़के ओनिर
फिल्मकार ओनिर ने इस पूरे मामले पर फिल्म इंडस्ट्री की चुप्पी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह केवल एक फिल्म का मामला नहीं है, बल्कि कहानियां कहने के अधिकार का सवाल है. उनके मुताबिक ऐसी संवेदनशील और जरूरी कहानियों को सामने लाने की आज पहले से ज्यादा जरूरत है.
रणवीर शौरी ने बताया निराशाजनक फैसला
अभिनेता रणवीर शौरी ने कहा कि उन्हें यह जानकर बेहद निराशा हुई कि 'सतलुज' को हटा दिया गया है. उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से इस फिल्म का इंतजार कर रहे थे. उनके मुताबिक भारत जैसी कहानी और इतिहास से समृद्ध संस्कृति में कहानियों को दबाने की प्रवृत्ति चिंता का विषय है.
सुखबीर सिंह बादल ने साधा निशाना
शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने फिल्म हटाने के फैसले की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि पंजाब के दर्दनाक इतिहास और जसवंत सिंह खालड़ा के बलिदान को दिखाने वाली फिल्म को इस तरह हटाना केवल सेंसरशिप नहीं, बल्कि सामूहिक स्मृति, सच्चाई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है. उन्होंने कहा कि पंजाब को अपने अतीत का ईमानदारी से सामना करने का अधिकार है.
सुजॉय घोष ने की फिल्म की जमकर तारीफ
फिल्मकार और अभिनेता सुजॉय घोष ने फिल्म देखने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खुलकर सराहना की. उन्होंने लिखा कि 'सतलुज' बेहद प्रभावशाली और शानदार तरीके से बनाई गई फिल्म है. उन्होंने कहा कि फिल्म का हर दृश्य दर्शकों को कहानी से जोड़ देता है. साथ ही उन्होंने फिल्म के सभी कलाकारों की तारीफ करते हुए खास तौर पर अर्जुन रामपाल के अभिनय की भी सराहना की.
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