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स्वरा भास्कर ने जौहर वाले बयान पर दी सफाई, बोलीं- मैंने पद्मावती को कायर नहीं कहा, मेरा सवाल था- क्या रेप के बाद महिला को जीने का हक नहीं?

स्वरा ने बताया कि फिल्म का क्लाइमैक्स देखते हुए उनके मन में एक सवाल आया था. उन्होंने कहा कि अगर भगवान न करे वह खुद रेप की पीड़िता होतीं और किसी तरह जिंदा बच जातीं, तो क्या उन्हें यह महसूस कराया जाता कि उन्होंने अपनी जान क्यों नहीं ले ली.

Swara Bhasker, Padmaavat
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 02 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:54 AM IST
  • स्वरा भास्कर ने जौहर वाले बयान पर दी सफाई
  • रेप के बाद जिंदा बचना कायरता क्यों?

बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर एक बार फिर फिल्म पद्मावत में दिखाए गए जौहर के सीन को लेकर चर्चा में हैं. सोशल मीडिया पर उनके पुराने बयान की एक क्लिप वायरल होने के बाद उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. अब स्वरा ने एक वीडियो जारी कर अपने बयान पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि उन्होंने रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को कभी कायर नहीं कहा.

मैंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा
स्वरा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि 31 अगस्त को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में हुए एक प्रोग्राम में उनसे पूछा गया था कि उन्होंने पद्मावत देखने के बाद निर्देशक संजय लीला भंसाली को खुला पत्र क्यों लिखा था. इसी सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने फिल्म के क्लाइमैक्स और जौहर के सीन पर अपनी आपत्ति बताई थी. स्वरा के मुताबिक, उनके बयान के एक हिस्से को संदर्भ से अलग करके सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है. उन्होंने कहा, 'मैंने ऐसा बिल्कुल नहीं कहा कि रानी पद्मावती कायर थीं या महल की बाकी महिलाएं कायर थीं. मैंने अपने बारे में बात की थी.'

रेप के बाद जिंदा बचना कायरता क्यों?
स्वरा ने बताया कि फिल्म का क्लाइमैक्स देखते हुए उनके मन में एक सवाल आया था. उन्होंने कहा कि अगर भगवान न करे वह खुद रेप की पीड़िता होतीं और किसी तरह जिंदा बच जातीं, तो क्या उन्हें यह महसूस कराया जाता कि उन्होंने अपनी जान क्यों नहीं ले ली. उनका कहना था कि किसी महिला के साथ बलात्कार होना उसकी जिंदगी का अंत नहीं माना जाना चाहिए. अगर कोई महिला ऐसी घटना के बाद जिंदा रहती है तो उसे कमजोर या कायर समझने के बजाय उसके जीने की इच्छा का सम्मान किया जाना चाहिए.

 

क्या महिला की पवित्रता जिंदगी से ज्यादा जरूरी है?
स्वरा ने अपने सवाल को समाज में रेप की घटनाओं से जोड़ते हुए कहा कि ऐसे समय में फिल्मों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी फिल्म के जरिए यह संदेश जाना चाहिए कि महिला की पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण है. उनके मुताबिक, रेप पीड़िता को यह संदेश नहीं मिलना चाहिए कि अगर वह अपनी जान दे देती तो ज्यादा सम्मानजनक होता. स्वरा ने कहा कि ऐसी सोच पीड़ित महिला के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकती है.

गर्भवती महिला के जौहर वाले सीन पर भी जताई थी नाराजगी
स्वरा ने फिल्म के एक और सीन का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि जौहर के दौरान गर्भवती महिला के पेट का क्लोजअप देखकर वह काफी नाराज हुई थीं. उनका सवाल था कि फिल्म उस अजन्मे बच्चे के संदर्भ में क्या संदेश दे रही है. उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्होंने फिल्म देखने के बाद तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय करीब पांच दिन तक सोचा और फिर भंसाली को खुला पत्र लिखा.

निर्भया की जीने की इच्छा को नहीं भूलना चाहिए
स्वरा ने अपनी बात समझाने के लिए निर्भया कांड का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि लोगों को उस युवती को नहीं भूलना चाहिए, जिसने आखिरी सांस तक जिंदगी के लिए संघर्ष किया था. स्वरा के मुताबिक, किसी महिला की जीने की इच्छा को कम करके नहीं आंकना चाहिए. उनका सवाल जौहर करने वाली महिलाओं को लेकर नहीं, बल्कि आज की महिलाओं और रेप सर्वाइवर्स तक पहुंचने वाले संदेश को लेकर था.

2018 में रिलीज हुई थी पद्मावत
संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत 2018 में रिलीज हुई थी. फिल्म में दीपिका पादुकोण ने रानी पद्मावती, शाहिद कपूर ने महारावल रतन सिंह और रणवीर सिंह ने अलाउद्दीन खिलजी का किरदार निभाया था.

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