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Tiger Shroff firing case: टाइगर श्रॉफ पर हमला करने वाले सुमित की मां और चाचा का बड़ा खुलासा, इंसाफ के लिए प्रशासन से हाथ जोड़कर की विनती

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में सोनीपत से गिरफ्तार आरोपी सुमित के परिवार ने उसे बेकसूर बताया है. मां आशा और चाचा टीकाराम का दावा है कि पुलिस उसे पूछताछ के बहाने ले गई थी. लेकिन अब मुंबई ले फोन कर जमानत दिलवाने के लिए कह रही है. आर्थिक तंगी के कारण परिवार के पास मुंबई जाने और वकील करने तक के पैसे नहीं हैं.

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले की जांच में हो रहे हैं चौंकाने वाले खुलासे. (Photo: ITG)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 21 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 3:56 PM IST

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में सोनीपत से पुलिस ने कुणाल और सुमित को गिरफ्तार किया है. दोनों पर हथियार सप्लाई करने का आरोप है. इस बीच सुमित की मां आशा और उसके चाचा टीकाराम ने मामले को लेकर अपनी बात रखी है. आशा का कहना है कि पुलिस उनके बेटे को पूछताछ के लिए ले जाने की बात कहकर घर से ले गई थी. बाद में उन्हें मुंबई आकर बेटे की जमानत कराने के लिए कहा गया. परिवार का दावा है कि सुमित का इस तरह की गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं है. वहीं, आर्थिक तंगी के चलते मां के लिए मुंबई पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है.

सुमित पर हथियार सप्लाई करने का आरोप लगने पर आशा ने कहा कि उनका बेटा ऐसा नहीं है कि वह किसी पर हथियार चला सके. उन्होंने कहा कि बेटे की शक्ल देखकर भी कोई नहीं कह सकता कि वह हथियार चला सकता है, डंडा चलाना तो दूर की बात है. आशा ने दावा किया कि खरखौदा की पूरी मार्केट और बस्ती में उनके बेटे के बारे में पूछताछ की जा सकती है. उनके मुताबिक, लोग बता देंगे कि सुमित कैसा है और वह कभी ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं रहा. मां ने बताया कि सुमित नौवीं कक्षा में पढ़ता था और उसने आठवीं की परीक्षा दी थी. पिछले तीन साल से वह कपड़े की दुकान पर काम कर रहा था. परिवार खरखौदा में किराये के मकान में रहता है. आशा के मुताबिक, उनके पति, ताऊ और परिवार की पिछली पीढ़ियां भी इसी इलाके में रही हैं और परिवार को यहां रहते 60-70 साल हो चुके हैं.

आशा ने यह भी कहा कि कोई व्यक्ति पीछे से आकर बच्चे को अपने साथ ले जाए, तो परिवार क्या कर सकता है. उनके मुताबिक, सुमित को घूमने के लिए ले जाने की बात कही गई थी. उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई कि उनके बेटे को छोड़ दिया जाए.

पुलिस घर आई और पूछताछ के लिए ले जाने की बात कही- मां
सुमित की मां आशा ने बताया कि पुलिस जब उनके घर पहुंची, तो उसने कहा कि लड़ाई-झगड़े के मामले में पैसों को लेकर पूछताछ करनी है. आशा के मुताबिक, उन्होंने पुलिस से बेटे के बारे में साफ-साफ बताने को कहा था. उस समय पुलिस ने उन्हें यही बताया कि उनके बेटे का उस मामले में कोई नाम नहीं है और उसे सिर्फ पूछताछ के लिए ले जाया जा रहा है. आशा ने बताया कि पुलिस ने खुद को क्राइम ब्रांच से जुड़ा बताया था. जिस समय पुलिस घर आई, सुमित वहीं मौजूद था. उस दौरान उनकी बेटी और दामाद भी घर आए हुए थे और परिवार के दूसरे लोग भी मौजूद थे.

नितिन और भोला के संपर्क में आने की बात कही
आशा के मुताबिक, सुमित का संपर्क नितिन के जरिए भोला से हुआ था. उन्होंने बताया कि सुमित को यही कहकर साथ ले जाया गया था कि वे खाटू श्याम घूमने जा रहे हैं. आशा ने कहा कि इस बारे में रातभर बातचीत हुई थी और रात करीब 3 बजे तक बात होती रही. उन्होंने बताया कि सुमित सुबह करीब 4 बजे घर आया था. बेटे ने उनसे कहा था कि वे लोग जाकर वापस आ गए हैं और वह आगे नहीं गया. आशा के मुताबिक, उस दौरान सुमित ने उन्हें यही बताया था कि उनके कई फोन आते रहे, लेकिन वे आगे नहीं गए.

मुंबई बुलाने का फोन आया, लेकिन किराये तक के पैसे नहीं
आशा ने बताया कि बाद में पुलिस की ओर से फोन आया और उन्हें मुंबई आने के लिए कहा गया. उनके मुताबिक, पुलिस ने कहा कि वे मुंबई आकर अपने बेटे की जमानत करवा लें. आशा का कहना है कि पहले पुलिस ने पूछताछ के लिए ले जाने की बात कही थी, लेकिन बाद में मुंबई बुलाया जाने लगा. उन्होंने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्हें मुंबई का रास्ता तक नहीं पता. उनके पास वहां जाने का किराया नहीं है और वकील करने का खर्च उठाना भी मुश्किल है. आशा ने कहा कि वह एक मजदूर परिवार से हैं और मां-बेटा काम करके घर चला रहे थे. अब बेटे के गिरफ्तार होने के बाद घर चलाना मुश्किल हो गया है.

कमरे से लेकर घर चलाने तक की चिंता, मां ने बताई मजबूरी
आशा ने बताया कि सुमित के गिरफ्तार होने से परिवार की परेशानी बढ़ गई है. उनके मुताबिक, सुमित ने हाल ही में कमरा भी बदला था. अब उन्हें डर है कि किराया और दूसरे खर्च पूरे न होने पर उन्हें कमरे से भी निकाल दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि मां-बेटा काम करके घर चलाते थे और अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आगे क्या करें. आशा ने अपनी बड़ी बेटी का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी बेटी गर्भवती है और परिवार की परिस्थितियों को लेकर चिंता बनी हुई है. उन्होंने कहा कि वह मुंबई जाकर बेटे के लिए वकील कैसे करें और वहां रहने-आने का खर्च कहां से लाएं, यह उनके लिए बड़ा सवाल है.

चाचा टीकाराम बोले- दिल्ली ले जाने की बात कही गई थी
सुमित के चाचा टीकाराम ने बताया कि जब पुलिस सुमित को लेकर गई, तब वह वहां मौजूद नहीं थे. बाद में फोन आने पर उन्हें मामले की जानकारी मिली. टीकाराम के मुताबिक, क्राइम ब्रांच के लोगों ने बताया था कि सुमित को दिल्ली ले जाया जाएगा. इसके बाद उसे दिल्ली ले जाया गया और फिर परिवार को फोन आया कि अब मुंबई आना पड़ेगा. टीकाराम ने कहा कि गरीब परिवार के लिए इस तरह एक जगह से दूसरी जगह जाना आसान नहीं है. उन्होंने बताया कि परिवार को यह भी ठीक से जानकारी नहीं है कि सुमित का नाम हथियार सप्लाई के मामले में कैसे जोड़ा गया. उनके मुताबिक, सुमित और कुणाल साथ गए थे, इसलिए पुलिस उन दोनों का नाम जोड़ रही है, लेकिन वह अपने भतीजे को ऐसा नहीं मानते.

परिवार ने की जांच कराने की मांग
टीकाराम ने कहा कि पुलिस चाहे तो सुमित के बारे में जांच कर सकती है. वह जहां काम करता था, वहां और उसके आसपास के लोगों से पूछताछ की जा सकती है. परिवार का कहना है कि सुमित के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जाए और मामले की जांच की जाए.

सुमित की मां आशा की सबसे बड़ी चिंता यही है कि बेटे को छुड़ाने के लिए वह मुंबई कैसे पहुंचें. उनका कहना है कि परिवार के पास वहां जाने तक का किराया नहीं है. दूसरी ओर, पुलिस ने कुणाल और सुमित को टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग से जुड़े मामले में हथियार सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. परिवार ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है और सुमित को छोड़ने की मांग की है.

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