उत्तराखंड के अपने OTT वीडियोज अलार्म पर रिलीज हुई फिल्म बिरणी आंखी

उत्तराखंड के ओटीटी ने क्षेत्रीय फिल्मों को नई पहचान दी है. सूबे के अपने ओटीटी 'वीडियोज अलार्म' पर फिल्म बिरणी आंखी रिलीज हुई है. यह फिल्म पहली गढ़वाली फिल्म है, जो वीडियोज अलार्म ओटीटी पर रिलीज हुई है.

Birni Aankhi
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 19 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:25 PM IST

उत्तराखंड के पहले ओटीटी 'वीडियोज अलार्म' पर गढवाली फिल्म 'बिरणी आंखी' आज रिलीज हुई. इसी के साथ उत्तराखंड की क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर पहुंचाने की कोशिश में आज एक नया अध्याय जुड गया हैं. गढवाली फिल्म बिरणी आंखी का पोस्टर टीजर सॉन्ग कोटद्वार में 3 जनवरी को रिलीज हुआ था और आज ये फिल्म हम सबके बीच दस्तक दे चुकी है.

मुख्य भूमिका में सूरज कोटनाला और शिवानी-
इस फिल्म के निर्माता दीपक देव सागर और निर्देशक फैसल सैफी हैं. जबकि मुख्य कलाकारों में कोटद्वार के सूरज कोटनाला, शिवानी भटट, अंशूल भारद्वाज ने अपने अभिनय से सबको प्रभावित किया. फिल्म के निर्माता दीपक देव सागर और निर्देशक फैसल सैफी ने 'बिरणी आंखी' फिल्म में अपने अनुभव और कौशल से एक ऐसी कहानी पर्दे पर उखेरी है, जो दिल को छू लेने वाली हैं. साथ ही फिल्म में मुख्य कलाकारों सूरज कोटनाला, शिवानी भटट, अंशूल भारद्वाज ने अपने अपने किरदार को एक जोरदार तरीके से पेश किया हैं, जो की फिल्म में दिखाई दे रहा हैं. 

कोटद्वार के इलाकों हुई है शूटिंग-
इस फिल्म की शूटिंग कोटद्वार के निकट के क्षेत्रों के साथ ही दुगड्डा, लैंसडाउन, आमसौड, फतेहपुर और दिल्ली में की गई है. फिल्म 'बिरणी आंखी' पहाड़ की ज़िंदगी, रिश्तों की गहराई और मानवीय संवेदनाओं को बेहद सशक्त तरीके से प्रस्तुत करती है. कहानी आम पहाड़ी लोगों के संघर्ष, प्रेम और आत्मसम्मान को दर्शाती है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में सक्षम है. 

फ़िल्म 'बिरणी आंखी' अब 'वीडियोज अलार्म' ऐप पर उपलब्ध है, जिसे दर्शक कभी भी और कहीं भी देख सकते हैं. फिल्म से जुड़े कलाकारों और टीम को उम्मीद है कि दर्शकों का प्यार और समर्थन उत्तराखंडी सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा.

99 रुपए में एक साल तक कर सकते हैं इस्तेमाल-
इस फिल्म की सबसे खास बात ये है कि यह फिल्म सिनेमा हॉल में नहीं, बल्कि उत्तराखंड के अपने पहले ओटीटी 'वीडियोज अलार्म' पर रिलीज हुई हैं, जिसको आप अपने फोन या टीवी पर घर बैठकर ही परिवार के साथ देख सकते हैं. 'वीडियोज अलार्म' ओटीटी को भारत सहित 18 देशों में देखा जा रहा है, जो कि अपने आप में ओटीटी की लोकप्रियता को दर्शाता है, ओटीटी 'वीडियोज अलार्म' पर अब तक असगार, मीठी मां कु आर्शीवाद, रत्ब्याण, धरती म्यारा कुमाऊं की, शहीद जैसी फिल्मे रिलीज हो चुकी हैं, और आने वाले दिनों में आपको और भी कई नई फिल्म देखने को मिलेगी. ये ऐप आपके एंड्रॉइड फोन, आईओएस फोन और एंड्रॉइड टीवी पर भी उपलब्ध है. जिसको आप मात्र 99 रुपए प्रतिवर्ष में देख सकते हैं.

उत्तराखण्ड के सुदूरवर्ती इलाकों में सिनेमा हॉल न होने के चलते इस ओटीटी 'वीडियोज अलार्म' ने गाँव-गाँव तक अपनी पहुँच बनाकर एक नए डिजिटल युग का आगाज कर दिया है. गढ़वाल, कुमाऊँ और जौनसार की खुशबू लिए उत्तराखंड का अपना पहला ओटीटी 'वीडियोज अलार्म' अपनी संस्कृति और बोली भाषा को प्रदेश ही नहीं, देश विदेश में भी पहुँचाने का काम कर रहा हैं. 'वीडियोज अलार्म' उत्तराखंड का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो स्थानीय कलाकारों, निर्देशकों और कहानियों को प्राथमिकता देता है. इस प्लेटफॉर्म पर उत्तराखंडी फ़िल्में, वेब सीरीज़, म्यूज़िक और शॉर्ट फिल्में लगातार दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं.

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