सहारनपुर की पहचान देश-विदेश में 'वुडन सिटी' के रूप में होती है, जहां तैयार होने वाले लकड़ी के नक्काशीदार फर्नीचर और हैंडीक्राफ्ट उत्पाद दुनियाभर में मशहूर हैं. अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे शुरू होने के बाद इस वुडन इंडस्ट्री को नई रफ्तार मिलने जा रही है. बेहतर कनेक्टिविटी के चलते सहारनपुर से दिल्ली की दूरी घटकर करीब ढाई से तीन घंटे रह गई है, जिससे कारोबारियों के लिए माल की आवाजाही आसान और तेज हो गई है.
पहले सहारनपुर से दिल्ली पहुंचने में 6 से 8 घंटे तक का समय लग जाता था, जिससे एक्सपोर्ट का काम प्रभावित होता था. विदेशी बायर्स को यहां आने में दिक्कत होती थी और कई बार डील्स भी प्रभावित हो जाती थीं. लेकिन अब एक्सप्रेसवे बनने से दिल्ली एयरपोर्ट से सहारनपुर तक पहुंचना बेहद आसान हो गया है. इससे न सिर्फ बायर्स की आवाजाही बढ़ेगी बल्कि नए ऑर्डर मिलने की संभावनाएं भी कई गुना बढ़ जाएंगी.
कारोबार में आएगी तेजी
स्थानीय कारोबारी अनस बताते हैं कि सहारनपुर का हैंडीक्राफ्ट बिजनेस पूरी तरह से एक्सपोर्ट पर निर्भर है. अब एक्सप्रेसवे की वजह से बायर्स एक ही दिन में आ-जा सकते हैं, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होगी. पहले जहां एक मीटिंग के लिए पूरा दिन या रात लग जाती थी, वहीं अब कुछ घंटों में काम पूरा हो सकेगा. इससे कारोबार में तेजी आएगी और इंटरनेशनल मार्केट में सहारनपुर के उत्पादों की पहुंच और मजबूत होगी.
बेहतर रोड नेटवर्क से ट्रांसपोर्टेशन आसान
एक्सप्रेसवे का सीधा असर सिर्फ सहारनपुर ही नहीं बल्कि आसपास के राज्यों जैसे हरियाणा और उत्तराखंड के व्यापार पर भी पड़ेगा. बेहतर रोड नेटवर्क से ट्रांसपोर्टेशन आसान होगा, जिससे बड़े स्तर पर माल की सप्लाई संभव हो पाएगी. कुल मिलाकर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे सहारनपुर की वुडन सिटी को नई पहचान देने के साथ-साथ कारोबारियों के लिए विकास का नया दरवाजा खोल रहा है.
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