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क्या है यूपी का OTD सीएम फेलो प्लान? जिसमें हर महीने मिलेंगे 50 हजार रुपए, कैसे होगी नियुक्ति, जानें

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक नई योजना OTD सीएम फेलो शुरू करने जा रही है. इसका पूरा नाम वन ट्रिलियन डॉलर मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम है. इसके तहत हर जिले में 2 ओटीडी सीएम फेलो तैनात किए जाएंगे. चयनित फेलो को हर महीने 50 हजार रुपए मिलेंगे. इसके साथ ही कई और भी सुविधाएं मिलेंगी.

Yogi Adityanath (Photo/PTI)
समर्थ श्रीवास्तव
  • लखनऊ,
  • 05 मई 2026,
  • अपडेटेड 1:29 PM IST

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश को 'वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था' बनाने के लक्ष्य को गति देने के लिए बड़ा निर्णय लिया गया है. इसके तहत हर जिले में OTD सीएम फेलो (वन ट्रिलियन डॉलर मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम) लागू किया जाएगा, जिससे जिला लेवल पर विकास योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन को और प्रभावी बनाया जा सके.

हर जिले में होगी 2 फेलो की तैनाती-
हर जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संचालित ओटीडी सेल को मजबूत करने के लिए दो विशेषज्ञ तैनात किए जाएंगे, एक आर्थिक विकास फेलो और एक डेटा विश्लेषक फेलो. ये दोनों मिलकर जिले की आर्थिक गतिविधियों की निगरानी और रणनीति निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे. ये फेलो विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कृषि, उद्योग, निवेश, अवसंरचना, पर्यटन, रोजगार और जिला घरेलू उत्पाद (डीडीपी) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की नियमित समीक्षा करेंगे. नियोजन विभाग के डैशबोर्ड के माध्यम से ऑनलाइन रिपोर्टिंग और केपीआई आधारित मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे निर्णय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तथ्यपरक और परिणामोन्मुख बनेगी.

कौन बनकर सकता है OTD सीएम फेलो?
ओटीडी सीएम फेलो बनने के लिए संबंधित विषय में परास्नातक डिग्री अनिवार्य होगी और अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष रखी गई है. चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा (50 अंक), अधिमानी योग्यता (30 अंक) और साक्षात्कार (20 अंक) शामिल होंगे. चयन स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन उत्तर प्रदेश द्वारा किया जाएगा.

फेलो को क्या मिलेंगी सुविधाएं? 
चयनित फेलो को ₹50,000 प्रतिमाह पारिश्रमिक के साथ लैपटॉप, यात्रा भत्ता और आवासीय सुविधा/भत्ता प्रदान किया जाएगा. प्रारंभिक कार्यकाल एक वर्ष का होगा, जिसे प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा. ओटोडी सीएम फेलो स्थानीय संसाधनों, निवेश संभावनाओं और विकास अवसरों का विश्लेषण कर साक्ष्य-आधारित रणनीतियां तैयार करेंगे. इससे विभागीय योजनाओं का बेहतर प्राथमिकता निर्धारण और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा. इस फैसले से जिलों में विकास कार्यों की निगरानी और योजना निर्माण अधिक पेशेवर और डेटा-आधारित होगा. इससे प्रदेश के ‘वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ लक्ष्य को हासिल करने में ठोस आधार मिलेगा और स्थानीय स्तर पर विकास की गति तेज होगी.

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