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देश के वीर जवानों के नाम अमेठी की बेटियों का प्यार, खुद बनाई राखियां भेजकर निभाएंगी अनोखा रक्षाबंधन

अमेठी जिले के मुंशीगंज थाना क्षेत्र के पश्चिम दुआरा स्थित पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय की छात्राएं बाजार से धागा, मोती और अन्य जरूरी सामग्री खरीदकर आकर्षक डिजाइन वाली राखियां तैयार कर रही हैं.

Amethi news
अभिषेक कुमार त्रिपाठी
  • अमेठी,
  • 27 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:39 PM IST

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है. इस बार उत्तर प्रदेश के अमेठी की सरकारी स्कूल की छात्राओं ने इस पर्व को देशभक्ति से जोड़ते हुए एक प्रेरणादायक पहल शुरू की है. छात्राएं अपने हाथों से सुंदर राखियां तैयार कर रही हैं, जिन्हें रक्षाबंधन से पहले देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों को स्पीड पोस्ट के जरिए भेजा जाएगा. इस अनोखी पहल का उद्देश्य जवानों तक सम्मान, स्नेह और अपनापन पहुंचाना है.

छात्राएं दिन-रात बना रही हैं राखियां
अमेठी जिले के मुंशीगंज थाना क्षेत्र के पश्चिम दुआरा स्थित पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय की छात्राएं बाजार से धागा, मोती और अन्य जरूरी सामग्री खरीदकर आकर्षक डिजाइन वाली राखियां तैयार कर रही हैं. छात्राएं पूरे उत्साह के साथ इस काम में जुटी हुई हैं. विद्यालय का लक्ष्य करीब 1 हजार रक्षा सूत्र बनाकर रक्षाबंधन से पहले सीमा पर तैनात सैनिकों तक पहुंचाना है.

सैनिकों के प्रति सम्मान और अपनापन
छात्राओं का कहना है कि देश के सैनिक अपने परिवार से दूर रहकर दिन-रात देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं. उनकी वजह से ही देशवासी सुरक्षित जीवन जी पाते हैं. ऐसे में रक्षाबंधन के अवसर पर वे सैनिकों को अपने भाई मानकर राखी भेजना चाहती हैं, ताकि उन्हें भी परिवार जैसा अपनापन महसूस हो. छात्राओं ने जवानों की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुरक्षित जीवन की कामना करते हुए रक्षा सूत्र तैयार किए हैं.

छात्रा राधा ने बताया कि वे मोती और धागे से राखियां बना रही हैं, जिन्हें देश के जवानों को भेजा जाएगा. वहीं छात्रा भावना ने कहा कि वे उन फौजी भाइयों के लिए राखी बना रही हैं, जो देश की सेवा में हमेशा तैनात रहते हैं. छात्रा मानवी गुप्ता ने भी कहा कि सैनिक देश की सुरक्षा करते हैं, इसलिए वे उनके लिए रक्षा सूत्र बनाकर उनके सुखद और सुरक्षित जीवन की प्रार्थना कर रही हैं.

1 हजार जवानों तक पहुंचेंगी राखियां
विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामकुमार सिंह ने बताया कि छात्राएं करीब 1 हजार राखियां तैयार करेंगी. इसके बाद इन्हें स्पीड पोस्ट के माध्यम से देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक भाइयों को भेजा जाएगा. उनका कहना है कि यह पहल बच्चों में देशभक्ति, सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का एक प्रयास है.

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