उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के दोझा गांव में एक ऐसा ही अजब-गजब और भावुक कर देने वाला मामला सामने आया, जहां 11 साल पहले लापता हुई 80 वर्षीय लीलावती अचानक जिंदा लौट आईं. जिस मां को परिवार ने मृत मानकर श्राद्ध तक कर दिया था, वही मां जब घर लौटी तो पूरा गांव खुशी से झूम उठा. तो चलिए आपको बताते हैं पूरी कहानी क्या है.
दरअसल, साल 2015 में 9 फरवरी को लीलावती के पति का निधन हो गया था. इस दुखद घटना के महज तीन महीने बाद ही लीलावती रहस्यमयी तरीके से गायब हो गईं. परिवार ने उन्हें हर जगह ढूंढा रिश्तेदारों, आस-पास के जिलों और संभावित ठिकानों तक खोजबीन की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. समय बीतता गया और आखिरकार परिवार ने उन्हें मृत मानकर सभी अंतिम रस्में निभा दीं.
लेकिन कहानी में मोड़ तब आया, जब जम्मू-कश्मीर के राजौरी में तैनात भारतीय सेना के जवानों को एक लावारिस बुजुर्ग महिला मिली. पूछताछ और पहचान की कोशिशों के बाद पता चला कि वह महिला कोई और नहीं, बल्कि बागपत की लीलावती हैं. सेना ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए उनके परिवार से संपर्क किया और उन्हें बुलाया. जब परिवार राजौरी पहुंचा और लीलावती को सामने देखा, तो सभी की आंखों में आंसू आ गए. यह पल किसी चमत्कार से कम नहीं था. मां-बेटों का मिलन देखकर हर कोई भावुक हो उठा.
गांव में जैसे ही लीलावती की वापसी हुई, माहौल जश्न में बदल गया. बेटों और बहुओं ने DJ बजवाया और रात भर खुशी में नाचते रहे. हैरानी की बात यह रही कि खुद 80 साल की लीलावती भी इस खुशी में झूमती नजर आईं. वहीं परिवार ने भारतीय सेना का दिल से आभार जताया और कहा कि अगर जवानों की मदद नहीं मिलती, तो यह मिलन शायद कभी संभव नहीं हो पाता.
रिपोर्टर: मानूदेव
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