Bihar: कब मिलेगी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की अगली किस्त? सीएम नीतीश ने किया ऐलान

बिहार सरकार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की अगली किस्त जल्द देने जा रही है. इसका ऐलान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया. सीएम नीतीश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पहली किस्त के तौर पर 10 हजार रुपए हासिल करने वाली महिलाओं को उनके काम के आधार पर अगली किस्त दी जाएगी.

CM Nitish Kumar
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 29 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:54 PM IST

विधानसभा चुनाव के दौरान गेम चेंजर साबित हुई ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ की लाभुकों को सरकार आगे को बड़ी किश्त जारी करेगी. योजना की पहली किस्त के तौर पर 10 हजार की राशि हासिल करने वाली महिलाओं के काम के मॉडल को देखकर अधिकतम 2 लाख तक की राशि दी जाएगी.

जल्द भेजी जाएगी रकम- सीएम नीतीश
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि प्रत्येक परिवार की एक महिला उद्यमी के रूप में स्थापित हो सके. इस योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक परिवार की एक महिला को 10 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई है. अब तक 1 करोड़ 56 लाख लाभुकों के खाते में डी०बी०टी० के जरिए राशि अंतरित कर दी गई है. ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में शेष आवेदकों को भी नियमानुसार डी०बी०टी० के माध्यम से उनके खाते में शीघ्र ही राशि भेज दी जाएगी.

इस योजना में महिलाओं के रोजगार शुरू करने के 6 माह बाद आकलन करते हुए आवश्यकतानुसार 2 लाख रुपए तक की अतिरिक्त सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है.

किसको मिलेगी अगली किस्त?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सीएम नीतीश ने आगे लिखा कि मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों को 2 लाख रुपए तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है. यह राशि चरणों में दी जाएगी बशर्ते कि पूर्व में दी गई राशि का रोजगार करने हेतु सदुपयोग किया गया हो. अच्छा रोजगार चलने की स्थिति में आवश्यकतानुसार एकमुश्त राशि भी दी जा सकेगी.

मार्केटिंग की सुविधा देने के निर्देश-
सीएम नीतीश ने लिखा कि विभाग को निदेश दिया गया है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत लाभुकों के उत्पादित वस्तुओं की मार्केंटिग की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. साथ ही इन लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यों से भी जोड़ा जाए जैसे- पोशाक निर्माण, सुधा बिक्री केन्द्र, दीदी की रसोई इत्यादि.

इस योजना के क्रियान्वयन से न सिर्फ महिलाओं की स्थिति और ज्यादा मजबूत होगी, बल्कि राज्य के अंदर ही उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा रोजगार के लिए मजबूरी में लोगों को राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा.

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