दिल्ली के बर्तन बैंक की चर्चा, सोशल इवेंट्स में होता है इसका इस्तेमाल

दिल्ली में पर्यावरण को बचाने के लिए एक अनूठी पहल की गई. इस पहल को सबसे पहले कालका जी के रघुनाथ मंदिर में किया गया. मंदिर में भंडारे समेत बहुत सारे कार्यक्रम होते रहते हैं. जहां बर्तन बैंक के इन्हीं बर्तनों का इस्तेमाल हो रहा है. इस पहल ने प्लास्टिक के डिस्पोजल सामान के इस्तेमाल पर भी एक तरह से रोक लगाई है.

Bartan Bank
मनीष चौरसिया
  • नई दिल्ली,
  • 15 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:24 PM IST

दिल्ली में पर्यावरण को बचाने के लिए एक अनूठी पहल की गई. यहां के कालका जी इलाके में बने एक मंदिर और वहां होने वाले कई सोशल इवेंट्स में प्लास्टिक की थालियां नहीं, बल्कि चमकते हुए स्टील के बर्तन नजर आएंगे. इस पहल ने प्लास्टिक के डिस्पोजल सामान के इस्तेमाल पर भी एक तरह से रोक लगाई है. पर्यावरण बचाने को लेकर जागरूक करने के लिए ये पहल की गई है.

दिल्ली का अनोखा बैंक-
दिल्ली में एक ऐसा अनोखा बैंक खुला है जहां पैसे नहीं, बल्कि मुफ्त में बर्तन मिलते हैं. देश की राजधानी, जहां एक तरफ कचरे के बढ़ते पहाड़ों से जूझ रही है. वहीं दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो इस समस्या का समाधान अपने स्तर पर ढूंढ रहे हैं. इस पहल को सबसे पहले कालका जी के रघुनाथ मंदिर में किया गया. मंदिर में भंडारे समेत बहुत सारे कार्यक्रम होते रहते हैं. जहां बर्तन बैंक के इन्हीं बर्तनों का इस्तेमाल हो रहा है.

हर दिन 11000 टन सिंगल यूज प्लास्टिक कचरा-
अगर कचरे की बात करें तो दिल्ली में हर दिन करीब 11000 टन सिंगल-यूज प्लास्टिक कचरा निकलता है. गाजीपुर, भलस्वा और ओखला जैसे लैंडफिल साइट्स इसकी गंभीरता को दर्शाते हैं. बर्तन बैंक चलाने वालीं वर्षा मानती हैं कि अगर हर व्यक्ति अपनी आदतों में थोड़ा बदलाव करे तो इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

यकीनन दिल्ली की ये अनोखी 'बर्तन बैंक' पहल ना केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है. बल्कि इसके जरिए सामूहिक आयोजनों में इस्तेमाल किए गए बर्तनों का दोबारा उपयोग करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित भी कर रही है.

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