बिहार के बोधगया में जल्द ही दुनिया के 7 अजूबे दिखाई देंगे. इसमें ताजमहल से लेकर चीन की दीवार तक को जगह दी जाएगी. इसके साथ ही गीजा का पिरामिड और पेरू का माचू पिच्चू भी बनाया जाएगा. इस 7 वंडर्स ऑफ द वर्ल्ड पार्क को बनाने में 14 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.
बिहार के गांव में एकसाथ दिखेंगे 7 अजूबे-
भगवान बुद्ध की ज्ञान स्थली बोधगया के सिलौजा गांव में 40 एकड़ जमीन पर 14 करोड़ की लागत से 7 वंडर्स ऑफ़ द वर्ल्ड पार्क बनाया जा रहा है. देश-विदेश से बोधगया आने वाले पर्यटक एक ही जगह पर मिस्र के गीजा का पिरामिड , भारत का ताजमहल , चीन की दीवार , पेरू का माचू पिच्चू और जॉर्डन का पेट्रा जैसा अजूबा देख पाएंगे.
कब तक तैयार होगा ये पार्क-
इस 40 एकड़ में बन रहे पार्क का मकसद बोधगया में पर्यटन को और समृद्ध करना है. इसके साथ ही इससे बोधगया में रोजगार भी मिलेगा. यह 7 वंडर्स ऑफ द वर्ल्ड पार्क 7 अजूबे के साथ इस साल 2026 के मई महीने के अंत तक तैयार हो जाएगा.
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा-
बोधगया पहले से ही भगवान बुद्ध की ज्ञान स्थली के रूप में देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध है. अब 7 वंडर्स ऑफ़ द वर्ल्ड पार्क के निर्माण से बोधगया की लोकप्रियता के साथ-साथ पर्यटन के दृष्टिकोण से भी फायदेमंद होगा.
बोधगया में बौद्ध धर्म से जुड़े देश-विदेश से लोग आते है और महाबोधि मंदिर में स्थित भगवान बुद्ध का दर्शन करते हैं. उनके लिए यह 7 वंडर्स ऑफ द वर्ल्ड पार्क आकर्षण का केंद्र होगा.
मई तक बनकर तैयार हो जाएगा पार्क- वन विभाग
गया के वन पदाधिकारी शशिकांत कुमार ने बताया कि बोधगया के सिलौजा में 7 वंडर्स पार्क का निर्माण किया जा रहा है. जिसमें विश्व के 7 अजूबे है. जिसकी प्रकृति का निर्माण कराया जा रहा है. यह कार्य कुल 14 करोड़ की राशि से कराई जा रही है और यह इस वर्ष मई महीने में पूरा हो जायेगा और यह कार्य बहुत अच्छे तरीके से चल रहा है और इसकी निगरानी विभाग के द्वारा कराया जा रहा है. यह पूरा पार्क 40 एकड़ जमीन में बनाया जा रहा है. यह बिहार का पहला पार्क है, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेगा. लोगों को जानने और समझने का मौका मिलेगा. उन्होंने कहा कि विश्व के 7 अजूबे के प्रकृति के बारे में जानने का मौका मिलेगा और यह पार्क देशी और विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर बहुत आकर्षित करेगा.
(पंकज कुमार की रिपोर्ट)
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