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HRTC पेंशनर्स के लिए गुड न्यूज, हर महीने 10 तारीख तक आ जएगी पेंशन

हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने सूबे की वित्तीय स्थिति में सुधार का दावा किया है. सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि पहली बैठक एचआरटीसी के पेंशनर्स के साथ थी. लंबे समय से पेंशन को लेकर जो समस्या चल रही थी, उसे अब सरकार ने हमेशा के लिए हल कर दिया है. कोरोना काल से पहले जहां पेंशनर्स को तीन-तीन महीने तक पेंशन के लिये तरसना पड़ता था, वहीं अब सरकार ने तय किया है कि हर महीने की 7 से 10 तारीख के बीच सभी HRTC पेंशनर्स को पेंशन मिल जाया करेगी.

Sukhvinder Singh Sukhu
gnttv.com
  • शिमला,
  • 08 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:11 PM IST

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दावा किया है कि हिमाचल प्रदेश जल्द ही आत्मनिर्भर बनने जा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन के तहत कड़े फ़ैसले लिए, जिनके परिणाम आज आने शुरू हो गए हैं. राज्य में आर्थिक हालात बेहद खराब हो गए थे. मुख्यमंत्री ने पूर्व की भाजपा सरकार पर भी जुबानी हमले किए और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को जमकर कोसा. राज्य में अब आर्थिक हालात धीरे धीरे बेहतर होने शुरू हो गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि 'व्यवस्था परिवर्तन' के जरिए हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की जो सोच रखी गई थी, उसमें बहुत जल्दी सुधार आया है. केंद्र सरकार द्वारा आरडीजी (RDG) बंद किए जाने के बावजूद स्थिति को बेहतर संभाला गया है. कड़े फैसलों से कर्मचारियों को जो थोड़ी तकलीफ हुई थी, वह अब दूर हो गई है. सीएम ने एलान किया कि चीफ सेक्रेटरी, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, मंत्रियों और विधायकों (MLAs) के वेतन को डेफर (स्थगित) करने वाली नोटिफिकेशन को वापस ले लिया गया है. आने वाले महीने से उनका एरियर भी मिलेगा और जुलाई में उन्हें पूरा वेतन दिया जाएगा. हालांकि, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इसमें खुद मुख्यमंत्री को छोड़कर बाकी सब शामिल हैं.

पेंशनर्स की समस्या हल की गई- सीएम सुक्खू
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू रविवार को अचानक सचिवालय पहुंचे और वित्त अधिकारियों के साथ ही HRTC पेंशनर्स के साथ बैठ कर उनकी समस्याओं को जाना. वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने कई अहम फैसले लिए. इस बैठक में मुख्यमंत्री ने एचआरटीसी (HRTC) कर्मियों, बुजुर्गों की पेंशन और प्रदेश के वित्तीय हालात को लेकर कई ऐसे बड़े फैसले लिए हैं, जिससे कर्मचारियों और आम जनता को बहुत बड़ी राहत मिले.

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि पहली बैठक एचआरटीसी के पेंशनर्स के साथ थी. लंबे समय से पेंशन को लेकर जो समस्या चल रही थी, उसे अब सरकार ने हमेशा के लिए हल कर दिया है. कोरोना काल से पहले जहां पेंशनर्स को तीन-तीन महीने तक पेंशन के लिये तरसना पड़ता था, वहीं अब सरकार ने तय किया है कि हर महीने की 7 से 10 तारीख के बीच सभी HRTC पेंशनर्स को पेंशन मिल जाया करेगी. इसके लिए सरकार एचआरटीसी को हर महीने 20 करोड़ रुपए की ग्रांट देगी. पेंशन का कुल खर्च 23 करोड़ रुपए है, बाकी बची शेष राशि HRTC अपने राजस्व से पूरी करेगी।इसके साथ ही, मेडिकल बिलों को क्लियर करने के लिए भी सरकार ने 20 करोड़ रुपए मंजूर कर दिए हैं.

65 साल के बुजुर्गों का पूरा बकाया एरियर जुलाई में मिलेगा- सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक और बड़ा फैसला लिया गया है. बुजुर्गों को बड़ी सौगात देते हुए उन्होंने कहा कि जो 65 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजन हैं और जो 65 से 70 वर्ष के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, उनका पूरा बकाया एरियर जुलाई महीने में चुका दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि बीजेपी के समय प्रदेश की वित्तीय स्थिति बिगड़ चुकी थी, जिसे हमारी सरकार सुधार रही है. अगर बीजेपी ने सही फैसले लिए होते तो प्रदेश आज कर्ज मुक्त होता. उन्होंने कहा कि अगर केंद्र ने RDG बंद नहीं की होती, तो हम 2026 में ही पूरी तरह आत्मनिर्भर बन जाते और कर्मचारियों का एरियर भी समय पर दे दिया जाता.

एलपीजी सिलेंडर आम आदमी की जेब पर डाका- सीएम
एलपीजी (LPG) घरेलू गैस सिलेंडर के बढ़े दामों पर बोलते हुए सीएम सुक्खू ने केंद्र सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि यह समझ नहीं आता कि जनता महंगाई के बावजूद बीजेपी को वोट क्यों देती है. गैस सिलेंडर आज आम आदमी की जेब पर डाका डाल रहा है. उन्होंने याद दिलाया कि जो गैस सिलेंडर कांग्रेस की सरकार में ₹450 का मिलता था, आज वह ₹1000 से ऊपर हो गया है. इसके साथ ही कमर्शियल सिलेंडर भी बहुत महंगा हो चुका है.

वहीं, बीजेपी सांसद हर्ष महाजन द्वारा दिए गए उस बयान पर, जिसमें उन्होंने नीरज भारती के इस्तीफे को लेकर कहा था कि 'अभी राज्य में इस्तीफों की झड़ी लगने वाली है'. इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि यह कोई गंभीर मसला नहीं है और किसी 'नशेड़ी' की स्टेटमेंट को सीरियसली नहीं लिया जाना चाहिए.

(विकास शर्मा की रिपोर्ट)

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