Success Story: 12 हफ्ते की तैयारी और 1.8 करोड़ का पैकेज, भारतीय टेक प्रोफेशनल कार्तिक ने घर बैठे कैसे हासिल की इंटरनेशनल जॉब? जानें पूरा रोडमैप

अक्सर लोग सोचते हैं कि अच्छा पैकेज पाने के लिए एक्सपीरियंस या बहुत ज्यादा मेहनत की जरूरत होती है. अगर आप भी उन लोगों में से हैं, तो ठहरिए. कार्तिक ने इस कॉन्सेप्ट को गलत साबित कर दिया है. उन्होंने सिर्फ 12 हफ्तों की तैयारी से, घर बैठे ही 1.8 करोड़ रुपये का पैकेज हासिल किया है. उनकी कहानी बताती है कि सफलता पाने के लिए सिर्फ मेहनत नहीं, बल्कि सही दिशा में मेहनत करना जरूरी है.

1.8 करोड़ का पैकेज पाने वाले कार्तिक मोदी
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 4:32 PM IST

कार्तिक मोदी एक भारतीय टेक प्रोफेशनल हैं, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि वह भारत में रहकर ही 1.8 करोड़ रुपये का पैकेज पा रहे हैं. केवल 12 हफ्तों की तैयारी में उन्होंने भारत में बैठकर ही एक इंटरनेशनल जॉब हासिल की. उन्होंने इंस्टाग्राम के एक पोस्ट में इसके बारे में पूरी जानकारी दी. उन्होंने यह भी साफ किया कि इसके लिए उन्होंने कोई शॉर्टकट, हैक या किसी कॉन्टैक्ट का सहारा नहीं लिया. सिर्फ मेहनत और सही तैयारी से वह यह जॉब हासिल कर पाए.

उन्होंने पूरी तैयारी इस तरह की
कार्तिक कहते हैं कि उनके पास विदेश में कोई नेटवर्क नहीं था, वह बस अपने कमरे से तैयारी करते थे. सबसे पहले उन्होंने 25 से 30 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की एक टारगेट लिस्ट बनाई, और केवल उन कंपनियों को चुना जो वीजा स्पॉन्सर करती थीं. इसके बाद उन्होंने 35 से 40 जॉब डिस्क्रिप्शन्स को देखा और जिन स्किल्स की मांग बार-बार आती थी, उन्हें अपनी तैयारी का रोडमैप बनाया.

10 से 12 हफ्तों की तैयारी का फल
उन्होंने 10 से 12 हफ्तों की एक साफ योजना बनाई जिसमें पहले पांच हफ्तों में DSA, फिर अगले हफ्तों में सिस्टम डिजाइन, फिर डोमेन और बिहेवियरल राउंड की तैयारी और आखिरी हफ्तों में मॉक इंटरव्यू के साथ एप्लिकेशन शामिल थे. उन्होंने DSA में लगभग 100 समस्याएं हल की और पैटर्न को समझने तथा अपनी अप्रोच को साफ तरीके से बोलकर समझाने पर ध्यान दिया.

सिस्टम डिजाइन में उन्होंने 8 से 10 मुख्य सिस्टम्स जैसे ऑथ, फीड, पेमेंट्स, सर्च और नोटिफिकेशन पर काम किया और APIs, डेटाबेस, कैशिंग, फेल्योर और ट्रेड-ऑफ्स को समझा. उन्होंने अपने वास्तविक काम के अनुभव का उपयोग किया और 3 से 4 प्रोडक्शन प्रोजेक्ट्स को विस्तार से डॉक्यूमेंट किया, जिसमें स्केलेबिलिटी, लेटेंसी, फेल्योर और लिए गए निर्णयों पर फोकस किया.

अंत में, उन्होंने रणनीति के साथ अप्लाई किया और केवल उन रोल्स के लिए आवेदन किया जो उनके स्किल्स में पूरा तरह फिट थे, और वैकेंसी आने के 5 से 7 दिनों के भीतर ही आवेदन कर दिया. इस तरह उन्हें भारत में रहकर ही 1.8 करोड़ रुपये का एक अंतरराष्ट्रीय ऑफर मिला.


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