Advertisement

कोटा में दिखा भाई-बहन का अनोखा रिश्ता, ओम बिरला को राखी बांधने पहुंचीं 'लाड़ली बहनें'... चेहरे पर दिखी खुशी

कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र की बड़ी संख्या में 'लाड़ली बहनें' अपने भाई और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कार्यालय पहुंचीं. किसी के हाथ में राखी थी तो किसी के चेहरे पर भाई से मिलने की खुशी. बहनों ने बिरला की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया और भाई-बहन के इस पवित्र रिश्ते को और मजबूत किया.

‘लाड़ली बहनों’ ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की कलाई पर बांधा स्नेह
चेतन गुर्जर
  • कोटा,
  • 29 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:10 AM IST

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर कोटा में भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली. कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र की बड़ी संख्या में 'लाड़ली बहनें' लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कार्यालय पहुंचीं. बहनों ने उनकी कलाई पर राखी बांधी और उनके स्वस्थ, सुखी और लंबे जीवन की कामना की. इस दौरान कार्यालय का माहौल किसी परिवार के घर जैसा नजर आया.

राखी बांधने पहुंचीं 'लाड़ली बहनें'
रक्षाबंधन के मौके पर कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों से महिलाएं और 'लाड़ली बहनें' ओम बिरला से मिलने पहुंचीं. किसी के हाथ में राखी थी तो किसी के चेहरे पर भाई से मिलने की खुशी साफ दिखाई दे रही थी. बहनों ने पारंपरिक तरीके से बिरला की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधा और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं.

वीरांगना मधुबाला ने भी बांधी राखी
इस खास मौके पर वीरांगना मधुबाला ने भी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को रक्षा-सूत्र बांधा. इसके अलावा शहर की कई महिलाओं और परिवारों की सदस्यों ने भी बिरला की कलाई पर राखी बांधी. हर राखी के साथ बहनों का स्नेह और अपने भाई के प्रति विश्वास दिखाई दिया.

ओम बिरला ने कहा कि उनकी कलाई पर बंधी हर राखी उनके लिए सिर्फ एक धागा नहीं है. यह स्नेह, विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारी का बंधन है. बहनों का प्यार उनके लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है. उन्होंने कहा कि बहनों के सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रहना और उनके सम्मान, स्वाभिमान व सुरक्षित भविष्य के लिए काम करना उनका दायित्व है.

बहनों के सम्मान और सुरक्षा पर दिया जोर
बिरला ने कहा कि भारतीय संस्कृति में भाई-बहन का रिश्ता प्रेम और विश्वास के साथ जिम्मेदारी से भी जुड़ा है. रक्षाबंधन इस रिश्ते को और मजबूत करता है. उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और समाज निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं. ऐसे में हर बेटी और बहन को सम्मान, बराबरी के अवसर और सुरक्षित माहौल मिलना जरूरी है.

पद से ऊपर दिखा भाई-बहन का रिश्ता
कोटा में रक्षाबंधन का यह नजारा इसलिए भी खास रहा क्योंकि यहां राजनीतिक पद और पहचान से ज्यादा भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता दिखाई दी. बहनों ने अपने भाई को राखी बांधी और बिरला ने भी उनके स्नेह को पूरे अपनत्व के साथ स्वीकार किया. कई बहनों के लिए यह सिर्फ राखी बांधने का मौका नहीं था, बल्कि भाई से मिलने और अपनी बातें साझा करने का भी खास पल था.

राखी की डोर में दिखा स्नेह और विश्वास
दिनभर ओम बिरला के कार्यालय में रक्षाबंधन की रौनक बनी रही. राखियों से सजी कलाई और बहनों के चेहरे की मुस्कान ने माहौल को और खुशनुमा बना दिया. बिरला ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और उनके सुखी, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन की कामना की. उन्होंने कहा कि बहनों का प्रेम और विश्वास उनके लिए हमेशा प्रेरणा और आशीर्वाद रहेगा. कोटा में रक्षाबंधन का यह दृश्य एक बार फिर दिखाता है कि रिश्ते पद या पहचान से नहीं, बल्कि प्यार, विश्वास और अपनत्व से मजबूत होते हैं. एक छोटी-सी राखी की डोर ने भाई-बहन के इसी खूबसूरत रिश्ते को और गहरा कर दिया.

ये भी पढ़ें: 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement