वैश्विक बौद्ध पर्यटन मानचित्र पर उत्तर प्रदेश की पहचान को और मजबूत करने वाली एक बड़ी परियोजना अब साकार हो चुकी है. कुशीनगर में उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) द्वारा गौतम बुद्ध संग्रहालय के निकट लगभग 11.32 करोड़ रुपये की लागत से विकसित बुद्ध थीम पार्क पूरी तरह तैयार हो गया है और जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. आधुनिक तकनीक, आध्यात्मिक अनुभव और बौद्ध विरासत के अनूठे संगम के रूप में विकसित यह पार्क तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को भगवान बुद्ध के जीवन, दर्शन और करुणा के संदेश से जोड़ने का नया माध्यम बनेगा.
बुद्ध की शिक्षाओं से जोड़ेंगी इंटरएक्टिव गैलरियां
यह थीम पार्क केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि बौद्ध ज्ञान और आध्यात्मिकता का जीवंत अनुभव केंद्र होगा. यहां इंटरएक्टिव स्टोरीटेलिंग, हेरिटेज इंटरप्रिटेशन और आधुनिक प्रस्तुतीकरण तकनीकों के माध्यम से भगवान बुद्ध के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं और शिक्षाओं को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है. पार्क का उद्देश्य आगंतुकों को केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मचिंतन और आंतरिक जागृति का अनुभव कराना भी है.
बोधि वृक्ष बनेगा आकर्षण का केंद्र
पार्क का सबसे बड़ा आकर्षण बोधि वृक्ष होगा, जो संवादात्मक शैली में बुद्ध के ज्ञान, करुणा और जीवन मूल्यों को प्रस्तुत करेगा. इसके अलावा तिब्बती शैली के स्तूप, प्रार्थना चक्र (प्रेयर व्हील्स), मूर्तिकला स्थापनाएं और विभिन्न अनुभवात्मक प्रदर्शनियां आगंतुकों को बौद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से रूबरू कराएंगी. यहां स्थापित आठ तथागत स्तूप भगवान बुद्ध के आठ महान कार्यों का प्रतीक होंगे और बौद्ध दर्शन की गहराई को समझने का अवसर प्रदान करेंगे.
पार्क में तैयार की गई 3D झांकियां और डिजिटल प्रदर्शनियां भगवान बुद्ध के जीवन की प्रमुख घटनाओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी. वहीं, विशेष रूप से विकसित ट्रेवलॉग इंस्टॉलेशन बुद्ध की पवित्र यात्रा को चरणबद्ध तरीके से दर्शाएगा. इसके अतिरिक्त भूमिस्पर्श, ध्यान, अभय और धर्मचक्र सहित बुद्ध की आठ विशाल मुद्राएं स्थापित की गई हैं, जो उनके जीवन, उपदेशों और बौद्ध दर्शन के मूल सिद्धांतों का प्रतिनिधित्व करती हैं.
40 फीट ऊंची बुद्ध वॉल पर जीवंत होगा बुद्ध चरित
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पार्क में अत्याधुनिक ऑडियो-विजुअल तकनीक का भी उपयोग किया गया है. यहां 40 फीट ऊंची फैसाड बुद्ध वॉल पर भव्य लाइट एंड साउंड शो का आयोजन होगा, जिसमें कला, तकनीक और कहानी कहने की शैली के माध्यम से भगवान बुद्ध के जीवन और उनके संदेशों को प्रस्तुत किया जाएगा. यह शो पार्क के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा और आगंतुकों को एक यादगार अनुभव प्रदान करेगा.
बच्चों के लिए खेल क्षेत्र और स्मारिका केंद्र भी होगा
पार्क का भव्य प्रवेश द्वार भी विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र बनाया गया है. प्राचीन बौद्ध तोरणों से प्रेरित इस प्रवेश द्वार पर उत्कृष्ट नक्काशी और प्रतीकात्मक कलाकृतियां उकेरी गई हैं, जो शांति, ज्ञान और करुणा के संदेश को दर्शाती हैं. इसके साथ ही पार्क में बुद्ध जीवन दीर्घाएं, बुद्ध के जीवन प्रसंगों पर आधारित कलात्मक भित्ति चित्र, सांस्कृतिक थीम पर आधारित बच्चों का खेल क्षेत्र तथा स्मारिका केंद्र भी विकसित किया गया है, जहां बौद्ध हस्तशिल्प और स्थानीय कारीगरों के उत्पाद उपलब्ध होंगे.
पर्यटन मंत्री ने क्या कहा?
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बुद्ध थीम पार्क का निर्माण पूरा होना कुशीनगर में बौद्ध पर्यटन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि यह परियोजना आध्यात्मिकता, कला, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम है, जो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भगवान बुद्ध के जीवन और विचारों से गहराई से जोड़ने का अवसर देगी. उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट में लगभग 82 लाख पर्यटक पहुंचे, जिनमें 4.4 लाख से अधिक विदेशी यात्री शामिल थे. ऐसे में यह नया थीम पार्क कुशीनगर की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा तथा उत्तर प्रदेश को विश्वस्तरीय बौद्ध पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
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