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MCD: आसानी से होगा प्राइवेट अस्पताल में इलाज, नहीं देना होगा जेब से एक रुपया भी.. खुद क्लीयर होगा बिल

एमसीडी में काम करने वालों के लिए नए साल में स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी काफी अच्छी खबर है, जिसमें वह अब आसानी में प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवा सकेंगे.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 04 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:08 AM IST

दिल्ली नगर निगम में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए साल 2026 की शुरुआत राहत भरी साबित हुई है. अब तक इलाज के लिए पहले जेब से पैसे खर्च करने और बाद में महीनों तक मेडिकल बिल पास कराने की परेशानी झेल रहे कर्मचारियों को अब इस झंझट से छुटकारा मिल गया है. केंद्र और दिल्ली सरकार की तर्ज पर अब दिल्ली नगर निगम ने भी अपने कर्मचारियों के लिए प्राइवेट अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू कर दी है.

एमसीडी ने एमसीडी कर्मचारी स्वास्थ्य योजना (MCD-ESH) की शुरुआत की है, जो 1 जनवरी से पूरे निगम क्षेत्र में लागू हो चुकी है. इस योजना के तहत लगभग एक लाख पर्मानेंट कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा. अब एमसीडी कर्मचारी बिना किसी इंट्रिम भुगतान के निजी अस्पतालों में इलाज करवा सकेंगे.

क्या है MCD कर्मचारी स्वास्थ्य योजना?
यह एक पूरी तरह कैशलेस मेडिकल स्कीम है, जिसके तहत कर्मचारी और उनके परिवार के लोग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं. इस योजना में कई सुविधाएं शामिल हैं. जैसे दवाइयों का खर्च, जांच और मेडिकल टेस्ट, अस्पताल में भर्ती होने का खर्च, सर्जरी और ऑपरेशन चार्ज, खास बात यह है कि इलाज पर कोई खर्च सीमा (कैपिंग) तय नहीं की गई है.

अब तक एमसीडी कर्मचारियों को इलाज के समय खुद पैसे खर्च करने पड़ते थे. बाद में बिल पास कराने की प्रक्रिया इतनी लंबी होती थी कि कई बार महीनों लग जाते थे. एमसीडी की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण कई अस्पताल कैशलेस इलाज देने से इनकार कर देते थे, जिससे कर्मचारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी.

अब प्राइवेट अस्पतालों में कैसे मिलेगा फ्री इलाज?
नई योजना के तहत कर्मचारियों से हर महीने एक निश्चित अंशदान लिया जाएगा. यह राशि एक अलग मेडिकल फंड में जमा होगी, जिससे अस्पतालों और जांच लैब्स को सीधे भुगतान किया जाएगा. इसका फायदा होगा कि अस्पतालों को समय पर भुगतान मिलेगा. साथ ही कर्मचारियों को बिना रुकावट इलाज की सुविधा मिलेगी.

हर महीने कितनी कटेगी सैलरी से रकम?
एमसीडी कर्मचारियों का अंशदान उनके वेतन स्तर के अनुसार तय किया गया है.

  • निचले स्तर के कर्मचारी: ₹250 प्रति माह
  • मध्यम श्रेणी: ₹500 से ₹750 प्रति माह
  • अधिकारी स्तर (लेवल-12): ₹1000 प्रति माह

यह राशि कर्मचारियों की सैलरी से ऑटोमैटिक कट होगी, अलग से जमा नहीं करनी पड़ेगी.

 

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