फिलीपींस से महोबा आईं विदेशी बहू
फिलीपींस से महोबा आईं विदेशी बहू
कहते हैं प्यार की कोई सीमा नहीं होती और इसे साबित किया है फिलीपींस की रोमारिका और महोबा के आवाज नामदेव ने. सात समंदर पार, करीब 3000 मील की दूरी भी इनके बीच दीवार नहीं बन सकी. अमेरिका के क्रूज पर शुरू हुई यह प्रेम कहानी अब बुंदेलखंड की गलियों तक पहुंच गई है. विदेशी मेम अब महोबा की बहू बनने वाली है, जिससे पूरा परिवार उत्साहित है.
अमेरिका के क्रूज पर शुरू हुआ प्यार
बुंदेलखंड की वीर भूमि महोबा इन दिनों एक अनोखी प्रेम कहानी की गवाह बनी हुई है. यह कहानी है सात समंदर पार फिलीपींस की रहने वाली रोमारिका और महोबा के रहने वाले आवाज नामदेव की. जो प्यार अमेरिका की एक कंपनी में शुरू हुआ, वह आज महोबा के कीरत सागर और सूर्य मंदिर की चौखट तक पहुंच गया है.
इन दोनों की मुलाकात साल 2022 में हुई थी, जब दोनों 'कैरेबियन क्रूज' नाम की एक अमेरिकी कंपनी के रेस्टोरेंट में एक साथ काम करते थे. साथ काम करते-करते कब दोस्ती प्यार में बदल गई, इसका एहसास इन्हें खुद भी नहीं हुआ. आवाज नामदेव, जो अपने सुनहरे भविष्य के लिए विदेश गए थे, उन्हें वहां रोमारिका का सरल स्वभाव और सादगी इतनी पसंद आई कि उन्होंने अपना दिल दे दिया.
महोबा पहुंचते ही बन गई घर की बहू
जब रोमारिका पहली बार भारत आईं, तो उन्होंने सीधे अपने भावी पति के घर महोबा पहुंचने की जिद की. यहां महोबा में उनका स्वागत किसी विदेशी मेहमान की तरह नहीं, बल्कि घर की बहू की तरह किया गया. उनके स्वागत में शुद्ध बुंदेली जायका परोसा गया. रोमारिका ने यहां चने की भाजी, भतुआ के पराठे और भटे के भर्ते का स्वाद लिया, जो अब उनके दिल में बस चुका है.
बुंदेलखंड की विरासत ने जीता विदेशी बहू का दिल
आवाज ने रोमारिका को प्यार की निशानी ताजमहल दिखाने के बाद अपने गृह जनपद महोबा की ऐतिहासिक विरासत से रूबरू कराया. उन्होंने यहां का प्रसिद्ध सूर्य मंदिर, पक्षी विहार और चंदेल कालीन ऐतिहासिक कीरत सागर दिखाया. रोमारिका यहां के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और मान्यताओं को देखकर काफी प्रभावित नजर आईं.
(रिपोर्ट- नाहिद अंसारी)
ये भी पढ़ें
ये भी देखें