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Sariska Tiger Reserve Good News: सरिस्का में बाघिन ST-22 ने 1 या 2 नहीं बल्कि 3 शावकों को दिया जन्म, कैमरे में कैद हुआ खूबसूरत वीडियो

सरिस्का टाइगर रिजर्व से वन प्रेमियों के लिए खुशखबरी है. जहां बाघिन ST-22 ने तीन शावकों को जन्म दिया है. वीडियो देख कर आप भी खुश हो जाएंगे.

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gnttv.com
  • अलवर,
  • 28 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:39 PM IST

सरिस्का टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. सरिस्का की बाघिन ST-22 ने दो नहीं, बल्कि तीन शावकों को जन्म दिया है. हाल ही में कैमरा ट्रैप में तीनों शावक अपनी मां के साथ दिखाई दिए हैं, जिसके बाद वन विभाग और सरिस्का प्रशासन ने इसकी पुष्टि कर दी है. तीन दिन पहले सरिस्का प्रशासन ने बाघिन ST-22 के साथ केवल दो शावकों की मौजूदगी की पुष्टि की थी, लेकिन लगातार मॉनिटरिंग और कैमरा ट्रैप फुटेज की जांच के बाद अब यह साफ हो गया है कि बाघिन ने तीन शावकों को जन्म दिया है.

तालवृक्ष रेंज में दिखी बाघिन और शावक
बाघिन ST-22 अपने तीनों शावकों के साथ तालवृक्ष रेंज क्षेत्र में दिखाई दी है. कैमरा ट्रैप में कैद वीडियो में तीनों शावक स्वस्थ नजर आ रहे हैं और बाघिन पूरी सतर्कता के साथ उनकी देखभाल करती दिखाई दे रही है. वन विभाग अब पूरे इलाके में गश्त बढ़ाने के साथ-साथ पर्यटकों की गतिविधियों पर भी नजर रख रहा है, ताकि शावकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.

वन मंत्री ने भी की पुष्टि
राजस्थान सरकार के वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने भी तीन शावकों की पुष्टि करते हुए कहा कि सरिस्का में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो वन संरक्षण और बेहतर प्रबंधन का सकारात्मक परिणाम है. उन्होंने बताया कि शावकों और बाघिन की सुरक्षा को देखते हुए संबंधित क्षेत्र में मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई है तथा वनकर्मियों की विशेष टीमें लगातार नजर बनाए हुए हैं.

2004 में खत्म हो गए थे बाघ
सरिस्का में लगातार बढ़ती बाघों की संख्या वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. नए तीन शावकों के साथ अब सरिस्का में बाघों की संख्या बढ़कर 55 तक पहुंच गई है. एक समय ऐसा भी था जब वर्ष 2004 में सरिस्का से बाघ पूरी तरह खत्म हो चुके थे, लेकिन वर्षों की मेहनत, बेहतर प्रबंधन और बाघ पुनर्वास परियोजना के कारण आज सरिस्का फिर से बाघों की दहाड़ से गुलजार हो रहा है.ॉ

पर्यटकों में भी बढ़ा उत्साह
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि शावकों का जन्म इस बात का संकेत है कि सरिस्का का जंगल अब बाघों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण प्रदान कर रहा है. वहीं पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने भी इस खबर पर खुशी जताई है. सरिस्का में बढ़ती बाघों की संख्या के चलते यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है. प्रतिदिन पर्यटकों को बाघों की साइटिंग हो रही है.

(रिपोर्ट- हिमांशु शर्मा)

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