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सूरत में अनोखी पहल, बच्चों को हनुमान चालीसा सुनाने पर मिल रहा मुफ्त भोजन

इस पहल का असर बेहद सकारात्मक देखने को मिल रहा है. बच्चे सिर्फ खाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी याददाश्त और भक्ति दिखाने के लिए भी उत्साहित नजर आते हैं. वे हाथ जोड़कर और आंखें बंद कर श्रद्धा के साथ चालीसा का पाठ करते हैं. कई बच्चे तो इसे सीखकर खास तौर पर यहां आते हैं.

surat news
gnttv.com
  • सूरत ,
  • 06 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:10 PM IST

सूरत अपने टेक्सटाइल और डायमंड उद्योग के साथ-साथ अपनी समृद्ध खान-पान संस्कृति के लिए भी देशभर में प्रसिद्ध है. इसी पहचान को एक नई दिशा देते हुए शहर के आउटर रिंग रोड पर स्थित एक रेस्टोरेंट ने अनोखी पहल शुरू की है. यहां 10 साल तक के बच्चों को हनुमान चालीसा सुनाने पर मुफ्त में भोजन कराया जा रहा है.

दरअसल, रेस्टोरेंट के बाहर और अंदर लगे बोर्ड पर साफ लिखा है कि जो बच्चा हनुमान चालीसा का पाठ करेगा, उसे भरपेट खाना दिया जाएगा. बच्चों का पहले स्वागत किया जाता है. उन्हें तिलक लगाया जाता है और जय श्री राम का पट्टा पहनाया जाता है. इसके बाद सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कराया जाता है. पाठ पूरा होने के बाद बच्चों को स्वादिष्ट भोजन परोसा जाता है.

बच्चों में दिख रहा उत्साह
इस पहल का असर बेहद सकारात्मक देखने को मिल रहा है. बच्चे सिर्फ खाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी याददाश्त और भक्ति दिखाने के लिए भी उत्साहित नजर आते हैं. वे हाथ जोड़कर और आंखें बंद कर श्रद्धा के साथ चालीसा का पाठ करते हैं. कई बच्चे तो इसे सीखकर खास तौर पर यहां आते हैं.

अभिभावकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया
रेस्टोरेंट की इस पहल को माता-पिता का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है. उनका कहना है कि इस तरह बच्चे खेल-खेल में धार्मिक ग्रंथ सीख रहे हैं. साथ ही उनका आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है और स्टेज फियर कम हो रहा है. कई अभिभावक इसे बच्चों के संस्कार और व्यक्तित्व विकास के लिए अच्छा कदम मानते हैं.

रेस्टोरेंट के मालिक हरेश भाई के अनुसार, आज के बच्चे मोबाइल और पाश्चात्य संस्कृति में अधिक उलझते जा रहे हैं. ऐसे में उन्हें अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ना जरूरी है. उनका कहना है कि बच्चों को खाना खिलाने से जो संतुष्टि मिलती है, वह किसी भी मुनाफे से ज्यादा है. यह पहल अब सोशल मीडिया पर भी खूब सराही जा रही है. रेस्टोरेंट में आने वाले बच्चों के वीडियो भी शेयर किए जाते हैं, जिससे और बच्चे प्रेरित हो रहे हैं.

रिपोर्टर: संजय सिंह राठौर

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