Anuj Agnihotri: 'मुझको भी तो लिफ्ट करा दे' गाना सुनने और चाट खाने का रखते हैं शौक, मिलिए UPSC AIR 1 टॉपर अनुज अग्निहोत्री से

पहले डॉक्टर बने और अब UPSC में टॉप करके देशभर में अपना नाम रोशन कर दिया है. यह हैं UPSC में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करने वाले अनुज अग्निहोत्री.

UPSC topper Anuj Agnihotri
मनीष चौरसिया
  • नई दिल्ली,
  • 06 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:24 PM IST

देश के सबसे बड़े एक्जाम UPSC ने 6 मार्च 2026 को सिविल सेवा परीक्षा 2026 के परिणाम को घोषित कर दिया है. इस बार के परीक्षा में एमबीबीएस ग्रेजुएट अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर पूरे इलाके को गौरवान्वित किया है. राजस्थान के एक छोटे से शहर से निकलकर देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक में पहला स्थान हासिल करना उनके लंबे संघर्ष और मेहनत को दिखाता है.

राजस्थान के छोटे शहर से देश की सबसे बड़ी परीक्षा तक का सफर
अनुज अग्निहोत्री राजस्थान के रावतभाटा शहर से आते हैं. यह शहर अपने परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए जाना जाता है. अपने एक मॉक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने शहर के बारे में बताते हुए इसे 'राजस्थान का एक छोटा सा शहर' कहा था, जहां उनकी शुरुआती पढ़ाई पूरी हुई.

इसके बाद वे आगे की पढ़ाई के लिए जोधपुर चले गए, जहां उन्होंने ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS), जोधपुर से एमबीबीएस की पढ़ाई की और साल 2023 में ग्रेजुएशन पूरा किया.

मेडिकल से प्रशासनिक सेवा तक का सफर
एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद अनुज के पास मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ने का रास्ता था, लेकिन वह एक अलग दिशा की ओर चल पड़े. उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया और दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप सिविल सेवा (DANICS) जॉइन कर ली. 

मॉक इंटरव्यू में प्रशासन और नीति पर साफ सोच

तैयारी के दौरान दिए गए उनके मॉक इंटरव्यू में उनकी सोच और समझ साफ दिखाई देती है. इंटरव्यू पैनल ने उनसे सिविक सेंस, प्रशासन, परमाणु ऊर्जा, पुलिस व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे कई विषयों पर सवाल पूछे.

एक सवाल में उनसे रावतभाटा और उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में अपने रिश्तेदारों के यहां के अनुभवों की तुलना करने को कहा गया. इस पर उन्होंने कहा कि छोटे शहरों में अकसर सफाई व्यवस्था और नागरिक अनुशासन की चुनौतियां देखने को मिलती हैं, जिन्हें प्रशासन को जागरूकता और नियमों के जरिए सुधारना पड़ता है. उन्होंने साफ तौर पर कहा, व्यवहार बदलना आसान नहीं है, इसलिए लोगों में जागरूकता जरूरी है. जब उनसे पूछा गया कि लोगों में बेहतर नागरिक व्यवहार कैसे लाया जा सकता है, तो अनुज ने कहा कि जागरूकता सबसे पहला कदम है.


जताई लोगों के बीच काम करने की इच्छा
अनुज ने अपने इंटरव्यू में यह भी बताया कि उन्हें फील्ड एडमिनिस्ट्रेशन और लोगों के साथ सीधे जुड़कर काम करना पसंद है. उन्होंने बताया कि दूसरे ग्रुप ए सेवाओं की तुलना में DANICS को इसलिए चुना क्योंकि इसमें अधिकारियों को सीधे लोगों के साथ काम करने और प्रशासनिक चुनौतियों को समझने का अवसर मिलता है.

अनुज अग्निहोत्री ने मेडिकल क्षेत्र से अपनी पढ़ाई पूरी की है. वे एमबीबीएस ग्रेजुएट हैं, लेकिन डॉक्टर बनने के बाद भी उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखा. इसी लक्ष्य के साथ उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की और आखिरकार अपने तीसरे प्रयास में देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक में टॉप कर लिया.

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तीसरे प्रयास में मिली बड़ी सफलता
UPSC जैसी परीक्षा में सफलता अक्सर धैर्य और मैहनत मांगती है. अनुज के लिए भी यह सफर आसान नहीं था. उन्होंने तीन बार परीक्षा दी और तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल किया. यह दिखाता है कि लगातार कोशिश और मेहनत से बड़ी से बड़ी मंजिल भी हासिल की जा सकती है.

रोजाना 8 घंटे पढ़ाई का अनुशासन
तैयारी के दौरान अनुज का पढ़ाई का एक तय रूटीन था. वह रोजाना लगभग 8 घंटे पढ़ाई करते थे और नियमित तरीके से अपने विषयों की तैयारी करते रहे. यही अनुशासन उनकी सफलता का एक बड़ा कारण बना.

चाट खाना है पसंद
इतनी कठिन पढ़ाई के बीच भी अनुज अपनी छोटी-छोटी पसंद को नहीं भूलते थे. उन्हें चाट खाना काफी पसंद है. पढ़ाई के बीच कभी-कभी यह उनका पसंदीदा ब्रेक हुआ करता था, जिससे उन्हें नई ऊर्जा मिलती थी.

'मुझको भी तो लिफ्ट करा दे' है उनका फेवरेट गाना
अनुज का एक दिलचस्प किस्सा उनके पसंदीदा गाने से जुड़ा है. उनका फ़ेवरेट गाना है 'मुझको भी तो लिफ्ट करा दे'. अनुज हर बार परीक्षा का रिज़ल्ट आने के बाद यह गाना गाया और सुना करते थे. इस बार भी रिजल्ट के बाद उन्होंने खुशी में यही गाना गाया, लेकिन इस बार वजह और भी खास थी क्योंकि उन्होंने जिला या सटेट में नहीं बल्कि देश में UPSC परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया था.

रिजल्ट देखकर खुशी से चिल्ला उठे
जब अनुज ने अपना रिज़ल्ट देखा, तो वह खुशी से चिल्ला उठे. उस समय उनके माता-पिता भी उनके साथ ही थे. शुरुआत में उन्हें खुद भी विश्वास नहीं हुआ कि उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर लिया है. कुछ पल बाद जब उन्हें यकीन हुआ, तो परिवार में खुशी का माहौल बन गया. यह पल उनके जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक है.

छोटे शहर से बड़े सपने तक
कोटा के पास एक छोटे से शहर से आने वाले अनुज की कहानी यह साबित करती है कि सपने बड़े हों और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी मंजिल तक पहुंचा जा सकता है.

UPSC 2026 में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर उन्होंने न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि देशभर के उन युवाओं को भी प्रेरित किया है जो छोटे शहरों से बड़े सपने लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं. 

 

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