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बेटे की जान बचाने के लिए 56 साल की मां ने दान कर दी किडनी, Robot की मदद से हुआ ट्रांसप्लांट

रोबोटिक सर्जरी करने के लिए हाई लेवल एक्सपर्टिस की जरूरत होती है. इसे आरएकेटी ट्रांसप्लांट सर्जनों द्वारा रोबोटिक्स और ट्रांसप्लांट सर्जरी में ट्रेनिंग होने पर ही किया जाता है.

56 वर्षीय मां ने बचाई 31 वर्षीय बेटे की जान
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 23 मई 2022,
  • अपडेटेड 3:33 PM IST
  • 56 वर्षीय मां ने बचाई 31 वर्षीय बेटे की जान
  • Robot की मदद से दान की किडनी

56 वर्षीय मां ने किडनी फेल्योर से पीड़ित अपने 32 वर्षीय बेटे की जान बचाने के लिए अपनी किडनी दान कर दी. इसे रोबोट-असिस्टेड किडनी ट्रांसप्लांटेशन की मदद से किया गया, जिससे ऑपरेशन के बाद होने वाला दर्द कम होता है. साथ ही तेजी से रिकवरी होती है. 

रोबोटिक सर्जरी करने के लिए हाई लेवल एक्सपर्टिस की जरूरत होती है. इसे आरएकेटी ट्रांसप्लांट सर्जनों द्वारा रोबोटिक्स और ट्रांसप्लांट सर्जरी में ट्रेनिंग होने पर ही किया जाता है. रोबोटिक सर्जरी किडनी ट्रांसप्लांट को कम से कम दर्द और मुश्किलों के साथ पूरा करने में मदद करती है. 

कम हो जाती है हर्निया की संभावना 

इसमें केवल एक छोटा सा कट लगाया जाता है, जो हर्निया की संभावना को भी कम करता है. इसमें बहुत कम दर्द होता है और मरीज को ओपन सर्जरी की तुलना में तेजी से ठीक होने में मदद मिलती है.
 
क्षेत्रीय मुख्य परिचालन अधिकारी डॉ. प्रभाकर पी ने कहा, "भारतीय आबादी में, गुर्दे की बीमारियां बढ़ रही हैं. ऑपरेशन को लेकर उन्होंने कहा कि सिटीजन स्पेशियलिटी हॉस्पिटल लेप्रोस्कोपिक-असिस्टेड नेफरेक्टोमी और रोबोट-असिस्टेड रीनल ट्रांसप्लांट सर्जरी कराता. रोबोट ट्रांसप्लांट से डोनर और मरीज दोनों तेजी से रिकवर होते हैं. 

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