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ओमिक्रॉन ने बढ़ाई धड़कन, दिल्ली में दिखा सबसे बड़ा उछाल

वहीं दूसरी तरफ राहत की खबर ये है कि  कोरोना वायरस के मामलों की संख्या और संक्रमण दर में वृद्धि के बावजूद लोगों की  मृत्यु नहीं होगी. डॉक्टर का कहना है कि  'हम केवल यह कह सकते हैं कि वर्तमान मामलों में से 60 प्रतिशत से 70 प्रतिशत मामले ओमीक्रोन से संबंधित हो सकते हैं, जबकि बाकि दूसरे  स्वरूपों की वजह से  हो सकते हैं.

500 के करीब पहुंचे दिल्ली में कोरोना के नए मामले
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 28 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 9:20 PM IST
  • दिल्ली में आया ओमिक्रॉन उछाल
  • 500 के करीब पहुंचे नए कोरोना मामले

दिल्ली में कोविड-19 (Corona Case In Delhi) के ताजा मामलों की संख्या महीने की शुरुआत की तुलना में 10 गुना बढ़ी है, नए आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में कोरोना के नए मामले 500 के करीब पहुंच चुके हैं. इसी बीच ये आशंका  जताई जा रही है कि  फरवरी में कोरोना संक्रमण पीक पर पहुंच जाएगा. 

लगातार बढ़ रहे हैं दिल्ली में कोरोना केस

राष्ट्रीय राजधानी में एक दिसंबर को 0.07 प्रतिशत संक्रमण दर के साथ 39 नए मामले दर्ज किए गये थे. अगले दिन, संक्रमण दर घटकर 0.06 प्रतिशत हो गई, जबकि नए मामलों की संख्या 41 थी. आधिकारिक आंकड़े ये बताते हैं कि  9 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच, दिल्ली में औसतन 48 दैनिक मामले दर्ज किए गए, जो 16 दिसंबर से 22 दिसंबर के बीच बढ़कर 95 हो गए. साप्ताहिक आधार पर इसमें 49.47 प्रतिशत की  बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी थी.

आगे और तेजी से केस बढ़ने के आसार

महामारी विज्ञानी गिरिधर आर. बाबू ने कहा, "इस बात की बहुत कम आशंका है कि त्योहारी सीजन की वजह से  मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है, क्योंकि वैसे  हालात  में, नवंबर में दिवाली के 14 दिन बाद इसका प्रभाव देखा गया होता और नवंबर के आखिर तक मामलों की संख्या बढ़ गई होती. ओमीक्रोन स्वरूप के कारण संख्या बढ़ रही है, जो अत्यधिक संक्रामक है.  मामलों में तेजी से उतार-चढाव देखा जाएगा, जबकि मध्य जनवरी और मध्य फरवरी के बीच इस संक्रमण के शिखर तक पहुंचने की आशंका है. "

केस बढ़ेंगे मगर मौत नहीं होगी- डॉक्टर

वहीं दूसरी तरफ राहत की खबर ये है कि  कोरोना वायरस के मामलों की संख्या और संक्रमण दर में वृद्धि के बावजूद लोगों की  मृत्यु नहीं होगी. डॉक्टर का कहना है कि  'हम केवल यह कह सकते हैं कि वर्तमान मामलों में से 60 प्रतिशत से 70 प्रतिशत मामले ओमीक्रोन से संबंधित हो सकते हैं, जबकि बाकि दूसरे  स्वरूपों की वजह से  हो सकते हैं.

 

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