भारत आपातकालीन चिकित्सा सेवा (इमरजेंसी मेडिकल सर्विस) के लिए हेलिकॉप्टरों का उपयोग करने की योजना बना रहा है ताकि अर्जेंट केयर के अभाव में लोगों की जान बचाई जा सके. खासकर, हाईवे दुर्घटनाओं में घायल लोगों को ऐसी जगहों पर गोल्डन आवर में अस्पताल तक पहुंचाया जा सके, जहां एम्बुलेंस को पहुंचने में समय लगता है.
केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय (Union Aviation Ministry) ने छह महीने के लिए एम्स ऋषिकेश में एक हेलिकॉप्टर तैनात करने के लिए निजी ऑपरेटर्स को इनवाइट किया है और एक पायलट परियोजना का प्रस्ताव दिया है.
क्या है गोल्डन आवर
बात अगर गोल्डन आवर की करें तो ट्रॉमा इंजरी के बाद के एक घंटे को गोल्डन आवर कहा जाता है, जिसमें सही मेडिकल ट्रीटमेंट मिलने से घायल को बचाया जा सकता है.
एम्स ऋषिकेश में तैनात करने के लिए प्रस्तावित हेलीकॉप्टर 20 मिनट के रिस्पांस टाइम के साथ सुबह से शाम तक कॉल पर होगा. इस पायलट प्रोजेक्ट के परिणाम के आधार पर, निजी ऑपरेटरों के लिए राजमार्गों और अन्य आवश्यक स्थानों के साथ रणनीतिक स्थानों पर हेलिकॉप्टरों को तैनात करने के लिए इस योजना की अंतिम नीति पर काम किया जा सकता है.
15 सितंबर तक दे सकते हैं EOI
मंत्रालय ने एयर ऑपरेटर्स से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) मांगा है, जो एम्स ऋषिकेश के एक हेलीपैड के आधार पर छह महीने के लिए ईएमएस कार्यक्षमता के साथ एक एयर एम्बुलेंस फ़ंक्शन में सिंगल या ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर की आपूर्ति कर सकते हैं.
इच्छुक एयर ऑपरेटर्स से 15 सितंबर, 2022 तक इस ईओआई पर अपनी प्रतिक्रिया देने का अनुरोध किया गया है. कोई भी लाइसेंस प्राप्त एयर ऑपरेटर जिसके पास कम से कम एक हेलीकॉप्टर है जो उसके एयर ऑपरेटर में पंजीकृत है, आवेदन कर सकता है.