Cancer Treatment Breakthrough: कैंसर के इलाज के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता सामने आई है. अमेरिका की एक स्टार्टअप कंपनी Coherence Neuro ने ऐसा ब्रेन चिप तैयार किया है जो कैंसर की पहचान करने और उसकी बढ़त को रोकने में मदद कर सकता है. यह इम्प्लांट न सिर्फ कैंसर ट्यूमर की गतिविधियों को पहचान सकता है, बल्कि उसकी वृद्धि को रोकने में भी मदद कर सकता है. खास बात यह है कि कंपनी का संबंध Elon Musk की Neuralink से जुड़े विशेषज्ञों से है. इस नई तकनीक को कैंसर के इलाज में क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है.
तीन मरीजों पर किया गया पहला परीक्षण
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने इस चिप का परीक्षण तीन मरीजों पर किया. ये मरीज ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी करा रहे थे. डॉक्टरों ने सर्जरी के दौरान करीब 30 मिनट के लिए यह छोटा सा चिप उनके दिमाग में लगाया. इस दौरान यह देखा गया कि चिप सुरक्षित है या नहीं और यह सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं. जांच पूरी होने के बाद चिप को निकाल लिया गया.
कैसे काम करता है यह चिप?
वैज्ञानिकों का मानना है कि कुछ खतरनाक ब्रेन ट्यूमर दिमाग के इलेक्ट्रिकल सिग्नल का इस्तेमाल करके तेजी से बढ़ते हैं. Coherence Neuro का यह चिप इन्हीं सिग्नल को पहचानने के लिए बनाया गया है. कंपनी का SOMA नाम का सिस्टम ट्यूमर की गतिविधियों पर नजर रखता है और जरूरत पड़ने पर हल्के इलेक्ट्रिकल सिग्नल भेजकर उसकी बढ़त को धीमा करने की कोशिश करता है. इससे भविष्य में कैंसर का इलाज ज्यादा आसान और प्रभावी हो सकता है.
मोबाइल ऐप से रखी जाएगी नजर
इस तकनीक में चिप के साथ कान के पास पहना जाने वाला एक छोटा उपकरण और एक मोबाइल ऐप भी शामिल है. इसकी मदद से डॉक्टर मरीज की स्थिति को दूर से ही देख सकते हैं. अगर जरूरत हो तो इलाज में बदलाव भी किया जा सकता है. इससे मरीजों को बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत कम पड़ सकती है.
दूसरे कैंसर के इलाज में भी मदद
Coherence Neuro की स्थापना साल 2022 में हुई थी. फिलहाल कंपनी का ध्यान ग्लियोब्लास्टोमा नाम के खतरनाक ब्रेन कैंसर पर है. हालांकि, रिसर्च का कहना है कि भविष्य में इस तकनीक का इस्तेमाल शरीर के अन्य कैंसर के इलाज में भी किया जा सकता है. अगर आने वाले परीक्षण सफल रहते हैं, तो यह चिप कैंसर के इलाज के तरीके को बदल सकता है और लाखों मरीजों के लिए नई उम्मीद बन सकता है.
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