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बढ़ता हुआ पॉजिटिविटी रेट कितना खतरनाक? तीसरी लहर कब पहुंचेगी पीक पर? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

कोरोना की तीसरी लहर को लेकर जो आशंका थी, सच साबित हो रही है. देशभर में कोरोना की तीसरी लहर में मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है. कई छोटे-बड़े शहरों में पॉजिटिविटी रेट लगातार बढ़ रहा है.

Covid 19
तेजश्री पुरंदरे
  • नई दिल्ली,
  • 14 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 9:14 PM IST
  • सच साब‍ित हो रही है तीसरी लहर की आशंका
  • कोरोना के डेली मामले हुए ढाई लाख के पार

देश में कोराना की रफ्तार तेजी पकड़ती जा रही है. एक दिन का आकंड़ा ढाई लाख की संख्या को पार कर चुका है. पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 2 लाख 64 हजार 202 मामले सामने आए हैं. देश की राजधानी दिल्ली में 24 घंटे में 24 हजार 383 मामले सामने आए हैं. वहीं मुंबई ये आंकड़ा 13 हजार 702 का है. मुंबई में कोविड मामलों में 16 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है. दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट 30 प्रतिशत के करीब पहुंच चुका है. ऐसे में कितना खतरनाक है इस पॉजिटिविटी रेट का बढ़ना और कब यह लहर पीक पर जाएगी, जानिए एक्सपर्ट की राय :- 

दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर सुभाष गिरी का कहना है कि पॉजिटिविटी रेट से लगातार कोरोना से संक्रमित मरीजों के मामले भी बढ़ेंगे. पॉजिटिविटी रेट कई सारे फैक्टर्स पर डिपेंड करता है. पहला तो यह कि आपने टेस्ट कितने किए हैं, दूसरा यह कि आपके पॉजिटिव सैंपल्स के मामले कितने गंभीर हैं और साथ ही साथ लोगों की स्किल कैसी है. 

डॉक्टर गिरी ने बताया कि जैसे-जैसे पॉजिटिविटी रेट बढ़ता जाएगा वैसे-वैसे कोरोना संक्रमित मरीजों के मामले भी बढ़ते जाएंगे. आने वाले समय में इस पॉजिटिविटी रेट से भी डबल पॉजिटिव रेट हमें देखना पड़े.

इस महीने तीसरे हफ्ते में पीक 

यदि हम तीसरी लहर की बात करें जनवरी के आख‍िरी हफ्ते में तीसरे लहर की पीक आ सकती है और मार्च तक यह पीक गिर जाएगी. लेकिन इस पीक में कई सारे लोग संक्रमित होंगे.

मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर विवेक नांगिया का कहना है कि तीसरी लहर का पीक पर जाना बेहद खतरनाक है. डॉक्टर नांगिया बताते हैं कि पिछले कुछ दिनों के मुकाबले अब हॉस्पिटलाइजेशन बढ़ने लगा है. ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि पॉजिटिविटी रेट में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. अब यह बीमारी उन लोगों को ज्यादा हो रही है जिन लोगों में comorbidity की समस्या है. ऐसे में जरूरी है कि हम सब मिलकर एहतियात बरतें और लापरवाही ना करें. क्योंकि जरा सी भी लापरवाही बहुत घातक साबित हो सकती है.

क्या है पॉजिटिविटी रेट?

अरिहंत हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर पीयूष जोशी के मुताब‍िक प्रत्येक कुल जांचों में पॉजिटिव आने वाली जांचों की संख्या को पॉजिटिविटी रेट कहते हैं. यानि कि मान लीजिए 900 सैंपल में से जितने सैंपल पॉजिटिव आए हैं उसे पॉजिटिविटी कहते हैं. और इसे 100 से multiply करने पर पॉजिटिविटी रेट आता है. यानि एक दिन में जितने भी टेस्ट किए गए, उनमें से जितने पॉजिटिव आए उसे पॉजिटिविटी रेट कहते हैं.

 

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