आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है. मोटापा, मधुमेह, हाई कोलेस्ट्रॉल और जंक फूड का अधिक सेवन इस बीमारी के प्रमुख कारणों में शामिल हैं. फैटी लिवर तब होता है जब लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने लगती है. शुरुआती चरण में यह समस्या गंभीर नहीं लगती, लेकिन समय पर ध्यान न देने पर यह लिवर की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है.
क्या है फैटी लिवर
लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो भोजन को पचाने, विषैले पदार्थों को बाहर निकालने और कई जरूरी पोषक तत्वों को स्टोर करने का काम करता है. जब लिवर में फैट जमा होने लगता है, तो इसकी कार्यक्षमता धीरे-धीरे प्रभावित होने लगती है. लंबे समय तक इलाज न मिलने पर यह स्थिति लिवर फाइब्रोसिस, सिरोसिस और गंभीर मामलों में लिवर फेलियर तक का कारण बन सकती है.
फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण
फैटी लिवर की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते. कई लोगों को वर्षों तक इसका पता ही नहीं चल पाता. हालांकि कुछ सामान्य संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में भारीपन या दर्द
भूख कम लगना
वजन का अचानक कम होना
मतली या उल्टी जैसा महसूस होना
पेट फूलना और अपच की समस्या
ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
त्वचा और आंखों का पीला पड़ना (गंभीर स्थिति में)
घरेलू उपाय भी कर सकते हैं मदद
फैटी लिवर का सबसे प्रभावी इलाज स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित आहार माना जाता है. इसके साथ कुछ प्राकृतिक खाद्य पदार्थ लिवर को स्वस्थ रखने और सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं. अच्छी बात यह है कि इनमें से कई चीजें आपके किचन में आसानी से उपलब्ध होती हैं.
1. हल्दी
हल्दी को प्राकृतिक औषधि माना जाता है. इसमें मौजूद करक्यूमिन नामक तत्व एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है. यह लिवर में होने वाली सूजन को कम करने में मदद कर सकता है. नियमित रूप से हल्दी वाला दूध या भोजन में हल्दी का संतुलित उपयोग लिवर की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है.
2. आंवला
आंवला विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में जमा फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं. आंवला लिवर को डिटॉक्स करने और उसकी कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है. आंवले का जूस, मुरब्बा या ताजा आंवला नियमित रूप से सेवन किया जा सकता है.
3. लहसुन
लहसुन में सल्फर यौगिक और कई जैव सक्रिय तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की सफाई प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. कुछ अध्ययनों में यह पाया गया है कि लहसुन का सेवन लिवर में जमा अतिरिक्त चर्बी को कम करने में सहायक हो सकता है. सुबह खाली पेट सीमित मात्रा में कच्चा लहसुन खाने की सलाह कई विशेषज्ञ देते हैं.
4. अदरक
अदरक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं. यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और मेटाबॉलिज्म को सक्रिय रखने में भी सहायक माना जाता है. अदरक की चाय या भोजन में अदरक का उपयोग लिवर की सेहत के लिए लाभदायक हो सकता है.
फैटी लिवर से बचाव के लिए क्या करें?
रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें.
तली-भुनी और प्रोसेस्ड चीजों का सेवन कम करें.
चीनी और मीठे पेय पदार्थों से दूरी बनाएं.
वजन को नियंत्रित रखें.
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं.
शराब का सेवन न करें या सीमित रखें.
हरी सब्जियां, फल और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करें.