Expert Talk: गर्मी में बार-बार थकान, चक्कर या सिरदर्द? ये हो सकते हैं डिहाइड्रेशन के संकेत, जानिए कब बनती है गंभीर स्थिति

डिहाइड्रेशन एक ऐसी स्थिति है, जब शरीर से जितना पानी और तरल पदार्थ बाहर निकलता है, उतना अंदर नहीं पहुंच पाता. गर्मियों में पसीना, पेशाब, उल्टी या दस्त के जरिए शरीर से ज्यादा फ्लूइड निकल जाता है, जिससे शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है.

Dehydration
अपूर्वा राय
  • नई दिल्ली,
  • 28 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:09 PM IST
  • गर्मी में क्यों बढ़ जाता है डिहाइड्रेशन का खतरा
  • गर्मी में रोज कितना पानी पीना चाहिए?

देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी पड़ रही है. अप्रैल में ही देश के कई जगहों पर पारा 40 डिग्री के पार चला गया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हीटवेव यानी लू को लेकर चेतावनी दी है. ऐसे मौसम में शरीर पर गर्मी का सीधा असर पड़ता है. गर्मियों में होने वाली सबसे आम परेशानियों में से एक है डिहाइड्रेशन.

डिहाइड्रेशन से जुड़े अहम सवालों को समझने के लिए हमने यथार्थ सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के डॉक्टर संतोष कुमार अग्रवाल से बातचीत की. चलिए पढ़ते हैं बातचीत के कुछ अंश...

सवाल: क्या होता है डिहाइड्रेशन?
डिहाइड्रेशन एक ऐसी स्थिति है, जब शरीर से जितना पानी और तरल पदार्थ बाहर निकलता है, उतना अंदर नहीं पहुंच पाता. गर्मियों में पसीना, पेशाब, उल्टी या दस्त के जरिए शरीर से ज्यादा फ्लूइड निकल जाता है, जिससे शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है.

सवाल: शरीर में पानी की कितनी भूमिका?
पानी सिर्फ प्यास बुझाने के लिए नहीं, बल्कि शरीर के हर जरूरी काम के लिए अहम होता है जैसे शरीर का तापमान नियंत्रित रखना, ब्लड फ्लो बनाए रखना, पाचन और कोशिकाओं का सही काम करना. जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो ये सभी प्रक्रियाएं प्रभावित होने लगती हैं.

सवाल: शरीर में पानी का संतुलन क्यों जरूरी?
हमारा शरीर करीब 60% पानी से बना होता है. यही पानी शरीर के तापमान को संतुलित रखता है, जो गर्मियों में और ज्यादा जरूरी हो जाता है. अगर पानी की कमी हो जाए, तो शरीर ओवरहीट होने लगता है, जिससे थकान, कमजोरी और चक्कर जैसे लक्षण दिखने लगते हैं.

सवाल: डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेत, जिन्हें लोग नजरअंदाज कर देते हैं?
डिहाइड्रेशन की शुरुआत अक्सर बहुत हल्के लक्षणों से होती है. जैसे, मुंह सूखना, हल्की थकान, सिरदर्द, चक्कर आना, पेशाब का कम आना या उसका रंग गहरा होना. कई लोगों को ध्यान लगाने में भी दिक्कत होती है या वे चिड़चिड़ापन महसूस करते हैं.

चूंकि ये लक्षण सामान्य थकान या तनाव जैसे लगते हैं, इसलिए लोग इन्हें गंभीरता से नहीं लेते और पानी पीने में देर कर देते हैं. खास बात यह है कि कई बार शरीर को पानी की जरूरत होती है, लेकिन हमें प्यास भी महसूस नहीं होती.

सवाल: बहुत से लोगों को प्यास क्यों नहीं लगती जबकि उनके शरीर को पानी की जरूरत होती है?
यह एक आम सवाल है कि अगर शरीर को पानी की जरूरत है तो प्यास क्यों नहीं लगती? दरअसल, शरीर का 'थर्स्ट मैकेनिज्म' हमेशा तुरंत काम नहीं करता. उम्र बढ़ने, व्यस्त जीवनशैली या कम पानी पीने की आदत के कारण यह सिस्टम कमजोर पड़ सकता है.

कई बार एयर कंडीशनर में रहने या काम में व्यस्त रहने के कारण भी प्यास का एहसास कम हो जाता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि शरीर को पानी की जरूरत नहीं है. जब तक प्यास लगती है, तब तक शरीर हल्के डिहाइड्रेशन की स्थिति में पहुंच चुका होता है.

सवाल: गर्मियों में कितना पानी पीना जरूरी?
गर्मी के मौसम में शरीर को ज्यादा पानी की जरूरत होती है. सामान्य तौर पर एक व्यक्ति को दिनभर में 2.5 से 3.5 लीटर तक पानी पीना चाहिए. हालांकि यह मात्रा व्यक्ति के वजन, काम और मौसम के हिसाब से बदल सकती है.

अगर आप बाहर काम करते हैं, ज्यादा पसीना आता है या एक्सरसाइज करते हैं, तो आपको इससे भी ज्यादा पानी की जरूरत हो सकती है. सबसे जरूरी बात यह है कि दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें, सिर्फ प्यास लगने का इंतजार न करें.

सवाल: पानी के अलावा शरीर को हाइड्रेटेड कैसे रखें?
डिहाइड्रेशन से बचने के लिए सिर्फ सादा पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और ORS भी ले सकते हैं. ये शरीर में पानी के साथ जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की भी पूर्ति करते हैं.इसके अलावा तरबूज, खीरा, संतरा और टमाटर जैसे फल और सब्जियां भी शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में अहम भूमिका निभाते हैं. ये न सिर्फ हाइड्रेशन देते हैं, बल्कि शरीर को जरूरी मिनरल्स भी पहुंचाते हैं.

सवाल: कब डिहाइड्रेशन बन जाता है खतरनाक?
अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो डिहाइड्रेशन गंभीर रूप ले सकता है. ज्यादा प्यास लगना, बहुत कम या बिल्कुल पेशाब न होना, दिल की धड़कन तेज होना, कंफ्यूजन, आंखों का धंसना या बेहोशी जैसे लक्षण खतरनाक स्थिति का संकेत हैं. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है. खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए डिहाइड्रेशन ज्यादा खतरनाक हो सकता है.

 

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