दुनिया में पहली बार! जेनेटिकली एडिटेड सुअर के लीवर से मरीज का इलाज, 66 घंटे तक दिया गया लाइफ सपोर्ट

शोध टीम ने छह जीन एडिटेड सुअर से लीवर प्राप्त किया और उसे नॉर्मोथर्मिक मैकेनिकल परफ्यूजन डिवाइस से जोड़ा. इसके बाद एक क्रॉस-सर्कुलेशन सिस्टम बनाया गया, जिससे सुअर का लीवर मरीज के रक्त प्रवाह से अस्थायी रूप से जोड़ा गया.

Pig Liver Transplant
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:20 PM IST
  • सुअर के जीन एडिटेड लीवर से मरीज का इलाज
  • 66 घंटे तक मिला सपोर्ट

चीन के डॉक्टरों ने लीवर फेल होने वाले मरीजों के इलाज में बड़ी सफलता हासिल की है. पहली बार छह Gene Edited सुअर के लीवर का इस्तेमाल कर एक मरीज को 66 घंटे तक लाइफ सपोर्ट पर रखा गया. इस तकनीक की वजह से भविष्य में लीवर ट्रांसप्लांट का इंतजार कर रहे मरीजों को नई उम्मीद मिल सकती है.

यह शोध Chinese Academy of Sciences से जुड़े डॉक्टर डोउ केफेंग की टीम ने किया. यह काम Xijing Hospital समेत कई बड़े मेडिकल संस्थानों के सहयोग से पूरा हुआ.

कैसे किया गया इलाज?
डॉक्टरों ने जीन एडिटेड सुअर का लीवर लिया और उसे एक खास मशीन से जोड़ा. फिर एक सिस्टम के जरिए उस लीवर को अस्थायी रूप से मरीज के खून के प्रवाह से जोड़ा गया. इस प्रक्रिया में मरीज का अपना लीवर शरीर से नहीं निकाला गया. सुअर का लीवर शरीर के बाहर रहकर खून को साफ करने, जहरीले तत्व निकालने और जरूरी प्रोटीन बनाने जैसे काम करता रहा. इसे एक्स्ट्राकॉर्पोरियल लाइफ सपोर्ट तकनीक कहा जाता है.

क्या मिला फायदा?
इलाज के दौरान सुअर का लीवर सही तरीके से काम करता रहा. 66 घंटे तक लगातार सपोर्ट देने के बाद मरीज के लीवर से जुड़े अहम टेस्ट जैसे बिलीरुबिन और अन्य एंजाइम में सुधार देखा गया. डॉक्टरों ने स्थिति का आकलन करने के बाद मशीन हटाई. फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है और रिपोर्ट सामान्य होने की ओर बढ़ रही हैं.

क्यों है यह अहम?
चीन में हर साल करीब 2 लाख लोग गंभीर लीवर फेल्योर के कारण अस्पताल में भर्ती होते हैं. डोनर लीवर की भारी कमी के कारण कई मरीजों को समय पर ट्रांसप्लांट नहीं मिल पाता. यह तकनीक ब्रिजिंग थेरेपी के रूप में काम कर सकती है. यानी जब तक असली डोनर लीवर उपलब्ध न हो, तब तक यह तरीका मरीज को जिंदा और स्थिर रखने में मदद कर सकता है.


 

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