रात को बार-बार पेशाब आने की समस्या से कई लोग परेशान रहते हैं. इसे मेडिकली नोक्चुरिया कहा जाता है. ये समस्या नोक्चुरनल पॉलीयूरिया, ओवरएक्टिव ब्लैडर, प्रोस्टेट का बढ़ना, डायबिटीज की वजह से हो सकती है. इस समस्या का समाधान फलों में छिपा है. सही फल के सेवन से बार-बार पेशाब की समस्या ठीक हो सकती है.
रात को पेशाब आने के कारण-
रात को कुछ लोगों में शरीर ज्यादा यूरिन बनाता है, जिसे नोक्चुरनल पॉलीयूरिया कहते हैं. जबकि कुछ लोगों का ब्लैडर ओवरएक्टिव हो जाता है. इसमें थोड़ी मात्रा में भी पेशाब ब्लैडर में जमा होने पर सिग्नल मिलने लगता है. मेल्स में प्रोस्टेट का बढ़ना एक आम कारण है. डायबिटीज और शाम को ज्यादा लिक्विड्स लेने से भी यह समस्या हो सकती है.
ये 6 फल हैं फायदेमंद-
लो एसिड फ्रूट्स जैसे केला, नाशपाती, ब्लूबेरीज, पपीता, तरबूज और सेब इस समस्या में मददगार साबित हो सकते हैं. केला ब्लैडर फ्रेंडली होता है और इसमें पोटेशियम और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है. नाशपाती भी लो एसिड फ्रूट है और ब्लैडर को इरिटेट नहीं करती. ब्लूबेरीज में पॉलीफिनोल्स नामक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो इन्फ्लेमेशन को कम करते हैं. पपीता और एप्पल भी ब्लैडर पर एक्स्ट्रा लोड नहीं डालते. तरबूज को दिन में खाना फायदेमंद है, लेकिन शाम को इसे खाने से बचना चाहिए.
कब खाना चाहिए फल?
फ्रूट्स को सुबह या दोपहर में खाना सबसे अच्छा होता है. देर रात फ्रूट्स खाने से बचना चाहिए. सही पोर्शन साइज का ध्यान रखें, जैसे कि एक छोटा फ्रूट या तीन चौथाई कप कटा हुआ फ्रूट. फ्रूट्स को अकेले खाने के बजाय दही, पनीर, मूंगफली, बादाम या पीनट बटर के साथ पेयर करें. इससे शुगर स्टेबल रहती है और पेशाब की समस्या कम होती है.
कौन सा फल नहीं खाना चाहिए?
सिट्रस फ्रूट्स जैसे ऑरेंज, ग्रेप फ्रूट, लेमन और टमाटर को अवॉइड करें, क्योंकि इनमें एसिडिटी ज्यादा होती है. क्रैनबेरी जूस भी एसिडिक होता है और नोक्चुरिया में समस्या बढ़ा सकता है. हाई वाटर कंटेंट वाले फ्रूट्स जैसे तरबूज को शाम में खाने से बचें. शुगरी ड्राई फ्रूट्स जैसे खजूर और मुनक्का भी डायबिटिक पेशेंट्स के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. सही पोर्शन साइज और प्रोटीन के साथ फ्रूट्स को पेयर करके खाने से आपकी समस्या में सुधार हो सकता है.
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