आज की तेज रफ्तार जिंदगी में स्किन से जुड़ी परेशानियां काफी आम हो गई हैं, खासकर एक्ने यानी पिंपल्स की परेशानी. ऑयली स्किन, पॉल्यूशन, अनहेल्दी खाना, स्ट्रेस और खराब दिनचर्या का सीधा असर चेहरे पर दिखने लगता है. बार-बार पिंपल्स होना और उनके दाग रह जाना न सिर्फ स्किन की खूबसूरती कम करता है बल्कि कॉन्फिडेंस पर भी असर डालता है. ऐसे में लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन हर बार सही रिजल्ट्स नहीं मिल पाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पिंपल्स से छुटकारा पाने का आसान उपाय आप ही की रसोई में छिपा हुआ है?
आपको जानकर हैरानी होगी कि एक्ने से राहत पाने के लिए महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं है. आपकी रसोई में मौजूद कुछ नेचुरल चीजें ही स्किन के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती हैं. मुल्तानी मिट्टी और नीम का फेस पैक ऐसा ही एक आसान घरेलू उपाय है, जो स्किन को साफ, हेल्दी और ग्लोइंग बनाने में मदद करता है.
मुल्तानी मिट्टी और नीम के फायदे
मुल्तानी मिट्टी स्किन से एक्स्ट्रा ऑयल को सोखने में मदद करती है, जिससे पिंपल्स की परेशानी धीरे-धीरे कम होने लगती है. यह पोर्स के अंदर जमा गंदगी को साफ कर स्किन को डीप क्लीन करती है. वहीं, नीम अपने एंटीबैक्टीरियल गुणों के लिए जाना जाता है, जो बैक्टीरिया को खत्म कर स्किन इंफेक्शन को रोकता है. दोनों का कॉम्बिनेशन एक्ने को कंट्रोल करने में बेहद कारगर होता है.
फेस पैक बनाने का आसान तरीका
मुल्तानी मिट्टी और नीम का फेस पैक को बनाना बहुत ही आसान है और इसमें ज्यादा समय भी नहीं लगता. इसके लिए आपको 1 चम्मच मुल्तानी मिट्टी, 1 चम्मच नीम पाउडर या पत्तों का पेस्ट और जरूरत अनुसार पानी या गुलाब जल लेना है. इन सभी चीजों को मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार करें और इसे साफ चेहरे पर लगाएं. 10–15 मिनट तक सूखने दें और फिर हल्के हाथों से रगड़ते हुए ठंडे पानी से धो लें.
फेस पैक लगाने से पहले चेहरा अच्छी तरह साफ करें. अगर आपकी स्किन ड्राई है तो इसमें थोड़ा शहद मिलाएं. पैक हटाने के बाद मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं, ताकि स्किन हाइड्रेटेड बनी रहे. इस फेस पैक का इस्तेमाल हफ्ते में 2–3 बार काफी है. ज्यादा इस्तेमाल से स्किन ड्राई हो सकती है.
कैसे करता है असर?
यह फेस पैक स्किन की गहराई तक जाकर काम करता है. मुल्तानी मिट्टी ऑयल और गंदगी को बाहर निकालती है, जबकि नीम बैक्टीरिया को खत्म करता है. इससे पोर्स साफ होते हैं, स्किन टाइट होती है और पिंपल्स निकलने कम हो जाते हैं.