आमतौर पर जब भी कपल्स को IVF यानी कि इन विट्रो फर्टिलाइजेशन कराते हैं, तो उनके मन में सबसे पहला सवाल आता है कि आखिर IVF से प्रेग्नेंट होने में कितना समय लगता है? अगर आपको भी यह कन्फ्यूजन है तो आज हम आपको बताएंगे कि आखिर इस पूरे प्रोसेस में कितना समय लगता है.
हम आपको बता दें कि, आईवीएफ एक महीने का नहीं, बल्कि समय लेने वाला प्रोसेस है. एक IVF साइकल को पूरा होने में लगभग 2 से 3 महीने का समय लगता है. इस दौरान महिला के शरीर को हार्मोनल दवाओं के जरिए एग बनाने के लिए तैयार किया जाता है. इसके बाद कपल्स के कुछ जरूरी टेस्ट कराए जाते हैं. इन टेस्ट रिपोर्ट्स के आधार पर डॉक्टर महिला को कुछ सप्लीमेंट्स और दवाएं लेने की सलाह देते हैं, ताकि शरीर को आगे के ट्रीटमेंट के लिए तैयार किया जा सके.
जानें पूरा प्रोसेस
IVF प्रक्रिया की शुरुआत ओवरी स्टिमुलेशन से होती है, जिसमें करीब 10 से 14 दिन लगते हैं. इसके बाद एग रिट्रीवल और स्पर्म के साथ फर्टिलाइजेशन किया जाता है. फर्टिलाइजेशन के बाद एंब्रियो को 3 से 5 दिन तक लैब में विकसित किया जाता है. जब एंब्रियो तैयार हो जाता है, तब उसे महिला के गर्भाशय में एंब्रियो ट्रांसफर किया जाता है. इसके 10 से 14 दिन बाद प्रेग्नेंसी टेस्ट किया जाता है, जिससे यह साफ हो जाता है कि महिला प्रेग्नेंट हुई है या नहीं.
डॉक्टरों का कहना है कि IVF में पहली बार में ही सफलता मिलना जरूरी नहीं होता. कई मामलों में प्रेगनेंसी के लिए 2 से 3 साइकल तक करने पड़ सकते हैं. IVF की सफलता महिला की उम्र, एग और स्पर्म की क्वालिटी, हार्मोनल संतुलन और गर्भाशय की सेहत पर निर्भर करती है.
IVF कराने के लिए कितने पैसे लगते हैं(IVF Cost)
बता दें कि, आईवीएफ का टोटल खर्च हॉस्पिटल, सिटी और ट्रीटमेंट पर निर्भर करता है. देश में आईवीएफ करवाने का खर्च 1.5 लाख रुपए से 2 लाख रुपए तक आता है लेकिन अगर इसके लिए कई बार कोशिश करनी पड़ती है. यह खर्च 2 से 5 लाख तक हो सकता है. खर्च में इलाज, दवाइयां, टेस्ट, हॉस्पिटल चार्ज शामिल है.
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