आज के दौर में वजन बढ़ना जितना आम हो गया है, उसे कम करना उतना ही मुश्किल माना जाता है. कई लोग महीनों तक मेहनत, सख्त डाइट और नियमित एक्सरसाइज के बाद वजन घटाने में सफल होते हैं. लेकिन इस सफलता के साथ एक नई समस्या भी सामने आ जाती है, वो है ढीली स्किन. खासतौर पर जब वजन तेजी से कम होता है, तो पेट, बाजू और जांघों के आसपास की स्किन लटकने लगती है. यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि यह होना नॉर्मल है.
स्किन ढीली होने की असली वजह
हमारी स्किन में दो महत्वपूर्ण प्रोटीन होते हैं कोलेजन और इलास्टिन. कोलेजन स्किन को मजबूती देता है, जबकि इलास्टिन उसे खिंचने और वापस सामान्य स्थिति में आने की पावर देता है. जब वजन बढ़ता है, तो त्वचा लंबे समय तक खिंची रहती है. यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे, तो इलास्टिन फाइबर कमजोर हो जाते हैं. ऐसे में जब वजन अचानक कम होता है, तो स्किन तुरंत सिकुड़ नहीं पाती और ढीलापन दिखाई देने लगता है.
क्या होते सकते हैं कारण
तेजी से वजन घटाने पर त्वचा को अपने पुराने आकार में लौटने का पूरा समय नहीं मिल पाता. इसके अलावा उम्र, जेनेटिक्स और धूप का प्रभाव भी इस समस्या को बढ़ा सकता है. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर में कोलेजन का उत्पादन कम होने लगता है, जिससे त्वचा की कसावट घट जाती है. यही कारण है कि उम्रदराज लोगों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है.
लाइफस्टाइल का भी बड़ा रोल
सिर्फ वजन घटाना ही नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली भी स्किन की स्थिति को प्रभावित करती है. आहार, धूम्रपान और जरूरी पोषक तत्वों की कमी से ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है और स्किन की मरम्मत की प्रक्रिया धीमी हो जाती है. इसके अलावा बहुत तेजी से वजन कम करना, चाहे सर्जरी के जरिए हो या क्रैश डाइट से, त्वचा के ढीलेपन को और ज्यादा साफ कर देता है. हालांकि, कुछ मामलों में युवा लोगों की त्वचा समय के साथ कुछ हद तक खुद ही टाइट हो सकती है.
ढीली त्वचा से कैसे पाएं छुटकारा
इस समस्या से निपटने के लिए कुछ प्रभावी उपाय अपनाए जा सकते हैं. सबसे पहले, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें. मसल्स बनने से शरीर का शेप बेहतर होता है और त्वचा कम ढीली दिखाई देती है. इसके साथ ही पानी पीना और संतुलित आहार लेना जरूरी है, ताकि शरीर कोलेजन का उत्पादन बेहतर तरीके से कर सके.