Smart Detergent: ऐसा डिटर्जेंट जो कपड़े ही नहीं मच्छरों को भी धुल देगा, IIT दिल्ली की खोज

आईआईटी दिल्ली के शोधकर्ताओं ने एक खास डिटर्जेंट बनाया है जो मच्छरों को भगाने में मदद करेगा. यह डिटर्जेंट पाउडर और लिक्विड, दोनों रूप में उपलब्ध होगा. इससे कपड़े न केवल साफ होंगे बल्कि मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छर पास नहीं आएंगे.

Mosquitoes bite
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 28 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 10:48 AM IST
  • डिटर्जेंट के एक्टिव घटक कपड़े के फाइबर से इंटरैक्ट करते हैं
  • यह डिटर्जेंट पाउडर और लिक्विड, दोनों में उपलब्ध होगा

दुनिया भर में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इनसे बचाव के लिए बाजार में कई विकल्प मौजूद हैं, जैसे कॉइल, लिक्विड, क्रीम, लोशन, रोल-ऑन और स्प्रे. लेकिन ये कुछ घंटे बाद ही बेअसर हो जाते हैं. खासकर क्रीम और लोशन तो कुछ घंटे ही असर दिखाते हैं.

आईआईटी दिल्ली ने बनाया खास डिटर्जेंट
IIT दिल्ली के शोधकर्ताओं ने एक खास डिटर्जेंट बनाया है जो मच्छरों को भगाने में मदद करेगा. यह डिटर्जेंट पाउडर और लिक्विड, दोनों रूप में उपलब्ध है और सामान्य डिटर्जेंट जैसे ही वॉश-केयर क्वालिटी रखता है. इससे कपड़े न केवल साफ होंगे बल्कि मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छर पास नहीं आएंगे.

कैसे की गई टेस्टिंग
इस इनोवेशन को कमर्शियल लैब में टेस्ट किया गया है और यह असरदार पाया गया. टेस्टिंग में वॉलेंटियर्स को अपने हाथ ऐसे कपड़े पहनाकर एक बॉक्स में डालने को कहा गया, जिसमें मच्छर मौजूद थे. फिर देखा गया कि कितने मच्छर कपड़े पर बैठते हैं. परिणाम चौंकाने वाले थे. स्मार्ट डिटर्जेंट से धुले कपड़ों पर मच्छरों की लैंडिंग में भारी कमी देखी गई.

क्यों जरूरी है कपड़ों को मच्छर-रोधी बनाना
डिटर्जेंट के एक्टिव घटक कपड़े के फाइबर से इंटरैक्ट करते हैं. मच्छरों की सूंघने व स्वाद सेंसर को प्रभावित करते हैं. कई बार लोग पूरी बांह के कपड़े पहनकर भी मच्छरों का शिकार बन जाते हैं. ऐसे में सबसे प्रभावी तरीका यही है कि मच्छर कपड़े पर उतरें ही नहीं.

IIT दिल्ली के ये स्मार्ट डिटर्जेंट ठीक यही काम करते हैं. कपड़ों को मच्छरों के लिए कम आकर्षक बना देते हैं, जिससे उन्हें काटने का मौका नहीं मिलता. शोधकर्ताओं का कहना है कि डिटर्जेंट में मौजूद एक्टिव एजेंट कपड़े के रेशों से इस तरह जुड़ते हैं कि मच्छरों के 'स्मेल' और 'टेस्ट' दोनों सेंसर प्रभावित होते हैं. यानी कपड़ा मच्छर को ना तो अच्छी गंध देता है और ना ही उतरने लायक सतह.

हर धुलाई में फिर एक्टिव हो जाते हैं गुण
सबसे खास बात यह है कि यह प्रभाव वॉश-टू-वॉश भी बरकरार रहता है. यानी कपड़ों को बार-बार धोने पर भी रिपेलेंट गुण दोबारा एक्टिव हो जाते हैं. इसे लंबे समय तक प्रभावी समाधान माना जा रहा है.

पेटेंट के लिए आवेदन
IIT दिल्ली की टीम ने इन डिटर्जेंट्स के लिए पेटेंट आवेदन भी कर दिया है. अब उम्मीद है कि जल्द ही ये प्रोडक्ट बाजार में उपलब्ध होंगे और आम लोगों को मच्छर जनित बीमारियों से बचाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे.

 

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