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अब फ्लू या कोविड के लिए नहीं करनी होगी अलग-अलग जांच...एक ही किट से लग जाएगा पता, भारत ने तैयार की सिंगल टेस्ट किट

पूणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) ने एक ऐसी टेस्टिंग किट बनाई है जोकि 3 इन 1 है. ये एक किट तीन संक्रमणों- इन्फ्लुएंजा ए, बी और सार्स-सीओवी-2 का पता लगाने के लिए पहली स्वदेशी परीक्षण किट तैयार की है.

एक कोविड किट से होगी तीन फ्लू की जांच
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 23 मई 2023,
  • अपडेटेड 11:05 AM IST

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने एक ऐसी किट तैयार की है जिसके जरिए आप तीन तरह के संक्रमणों का पता लगा पाएंगे. इस सिंगल किट के जरिए इन्फ्लुएंजा ए, बी और SARS-Cov-2 का पता लगाया जा सकेगा. यह देश की पहली स्वदेशी परीक्षण किट है वो चाहते हैं कि इच्छुक कंपनियां इसे बड़े पैमाने पर ले जाएं. एनआईवी पुणे के इन्फ्लुएंजा डिवीजन की प्रमुख डॉ. वर्षा पोतदार ने कहा कि किट को इन्फ्लुएंजा ए, बी और कोविड-19 का पता लगाने के लिए मल्टीप्लेक्स सिंगल ट्यूब रीयलटाइम आरटी-पीसीआर टेस्ट के रूप में जाना जाता है.

उन्होंने कहा,"यह एक परीक्षण के माध्यम से तीन संक्रमणों का पता लगाने का एक आसान, समय बचाने वाला और कुशल तरीका होगा." सिंगल ट्यूब का अनिवार्य रूप से मतलब है कि एक व्यक्ति के एकल नमूने का उपयोग करके, हम कई संक्रमणों का निदान करने में सक्षम होंगे. टैक्नीशियन्स को सैंपल की अलग से जांच नहीं करनी होगी.' यह कई मायनों में मददगार होगी क्योंकि तीन संक्रमणों के लक्षण ओवरलैप होते हैं, जिससे इस तरह की किट विशेष रूप से फ्लू के मौसम में उपयोगी होती है.

एक सैंपल से कई बीमारियों का लगेगा पता
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से जुड़ी एक संस्थान ने 15 मई को कंपनियों से थोक में किट बनाने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) आमंत्रित किया था. उन्होंने कहा कि परीक्षण किट कोविड -19 परीक्षण किट के समान एक रोगी के नाक और गले से स्वैब लेगी. हालांकि इसमें खास बात ये है कि टैक्निशियन एक सैंपल का प्रयोग कई बीमारियों का पता लगाने के लिए कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि संस्थान अब लाइसेंसधारियों या निर्माताओं को "सामाजिक लाभ के लिए प्रौद्योगिकी का व्यावसायीकरण करने में सक्षम बनाने के लिए प्रौद्योगिकी सौंपना चाहता है.

ईओआई दस्तावेज में कहा गया है, "चुनी गई कंपनी प्रौद्योगिकी के निर्माण और व्यावसायीकरण के लिए आवश्यक स्केल-अप करेगी और आईसीएमआर के साथ तकनीकी डेटा साझा करेगी."

कंपनियों के लिए आखिरी तारीख 14 जून तय
मॉलिक्यूलर परीक्षणों में मल्टीप्लेक्स परीक्षण पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन (पीसीआर) परीक्षणों को संदर्भित करता है जो एक साथ एक ही नमूने के साथ एक ही प्रतिक्रिया में कई रोगजनकों का पता लगाता है. जबकि ऐसी तकनीक विभिन्न देशों में विकास के विभिन्न चरणों में है, यह पहली स्वदेशी रूप से विकसित किट है जिसका भारत उत्पादन करेगा.पोद्दार ने कहा, 'हमने कंपनियों के लिए रुचि जमा करने की आखिरी तारीख 14 जून तय की है.' "हमें प्राप्त होने वाले आवेदनों के आधार पर, सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार का मूल्यांकन करेंगे."

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन इन्फ्लुएंजा SARS-CoV-2 (फ्लू SC2) मल्टीप्लेक्स परख पर भी काम कर रहा है, जो एक वास्तविक समय रिवर्स-ट्रांसक्रिप्शन पीसीआर प्रयोगशाला परीक्षण है जो एक साथ इन्फ्लुएंजा ए, इन्फ्लुएंजा बी, SARS-CoV-2 के ऊपरी या निचले श्वसन नमूनों के बीच का पता लगा सकता है और अंतर कर सकता है. केंद्र ने कहा कि परीक्षण उन रोगियों के नमूनों का मूल्यांकन करने के लिए एक अत्यधिक सटीक, न्यूक्लिक एसिड-आधारित डायगनोस्टिक टूल है जो संक्रमण के तीव्र चरण में हैं.


 

 

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