हाथ पर 'I Love You Mom' का टैटू, फूट-फूटकर रोया रैकेट का शिकार छात्र, बोला- मां को मत बताना

बिहार का एक छात्र कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का शिकार हुआ है. आयुष कुमार नाम का छात्र एमबीए की पढ़ाई कर रहा है. आयुष हैलट अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है. छात्र आर्थिक तंगी के चलते इस गिरोह के जाल में फंस गया. 6 लाख रुपए में एक किडनी का सौदा हुआ था.

Kanpur Illegal kidney transplant racket
gnttv.com
  • कानपुर,
  • 02 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:18 AM IST

कानपुर में सामने आए किडनी रैकेट मामले में बिहार का रहने वाला MBA छात्र आयुष कुमार इस समय हैलट अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है. पुलिस के मुताबिक उसकी हालत देखकर लोग भावुक हो रहे हैं. जब भी परिवार को सूचना देने की बात होती है, आयुष रो पड़ता है और हाथ जोड़कर पुलिस से अपनी मां को इस बारे में न बताने की विनती करता है. उसने घर से नौकरी के बहाने कानपुर आने की बात कही थी.

महिला मित्र से मुलाकात में छलका दर्द-
पूछताछ के दौरान आयुष की बातचीत उसकी महिला मित्र से कराई गई, जो बिहार के बेगूसराय की रहने वाली है. वह कानपुर पहुंची, जहां पुलिस की निगरानी में दोनों की मुलाकात हुई. उसे देखते ही आयुष भावुक हो गया और अपनी गलती मानते हुए बार-बार पछतावा जताने लगा. दोनों देहरादून की एक यूनिवर्सिटी के छात्र हैं.

हाथ पर ‘I Love You Mom’ का टैटू-
आयुष के हाथ पर 'I Love You Mom' का टैटू भी बना हुआ है. उसने पुलिस को बताया कि वह अपनी मां से बेहद प्यार करता है. पिता के निधन के बाद घर की जिम्मेदारियां बढ़ गई थीं और फीस सहित अन्य खर्चों का बोझ उसे परेशान कर रहा था. आयुष का कहना है कि उसने यह कदम इसलिए उठाया, ताकि परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े और वह अपनी पढ़ाई जारी रख सके.

आर्थिक तंगी बनी वजह-
आयुष ने पुलिस को बताया कि पिछले 2 महीनों से वह फीस जमा न कर पाने के कारण तनाव में था. पिता के निधन के बाद घर की आर्थिक स्थिति खराब है और जमीन गिरवी होने के कारण लोन भी नहीं मिल पा रहा था. उसने साइबर ठगी के जाल में फंसकर म्यूल अकाउंट तक खुलवाया, लेकिन वहां से भी कोई फायदा नहीं हुआ.

6 लाख में सौदा, पूरी रकम नहीं मिली-
आयुष के मुताबिक एक एजेंट ने उसे किडनी बेचने के लिए तैयार किया. 6 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था, जिसमें आधी रकम पहले और बाकी ऑपरेशन के बाद देने की बात कही गई थी. हालांकि सर्जरी के बाद उसके खाते में केवल साढ़े तीन लाख रुपये ही आए, बाकी रकम अब तक नहीं मिली.

डॉक्टरों और एजेंटों का नेटवर्क-
आयुष ने पुलिस को बताया कि उसे अलग-अलग लोगों और डॉक्टरों से जोड़ा गया. उसकी मेडिकल रिपोर्ट नोएडा के डॉक्टर को भेजी गई, जिसके सुझाव पर कानपुर के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन किया गया. उसने यह भी बताया कि सर्जरी के लिए बाहर से डॉक्टरों की टीम आई थी. जांच में कुछ गाड़ियों के लखनऊ और गाजियाबाद की ओर जाने की जानकारी मिली है.

परिवार परेशान, दोस्त ने जताई नाराजगी-
मुलाकात के दौरान आयुष की मित्र ने उसके फैसले पर नाराजगी जताई और डॉक्टरों से उसकी सेहत के बारे में जानकारी ली. उसने बताया कि आयुष की मां बेहद चिंतित हैं और कानपुर आने की इच्छा जता चुकी हैं. फिलहाल घर की जिम्मेदारी उसके छोटे भाई पर है.

कई शहरों में जांच में जुटी पुलिस-
पुलिस का कहना है कि आयुष अब बातचीत करने की स्थिति में है और डॉक्टरों की निगरानी में है. उसने बाकी रकम दिलाने की भी मांग की है. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद व दिल्ली समेत कई शहरों में टीमें सक्रिय हैं. फरार आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द होने की संभावना है.

(सिमर चावला की रिपोर्ट)

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