Advertisement

Bournvita Controversy: "तैयारी जीत की" या "तैयारी डायबिटीज की"! जानिए बॉर्नविटा के शुगर कॉन्टेंट पर लगातार क्यों उठ रहे हैं सवाल?

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने हाल ही में बॉर्नविटा को एक नोटिस दिया है, जिसमें कंपनी से चॉकलेट फ्लेवर्ड पाउडर में हानिकारक तत्वों के आरोपों पर जवाब देने को कहा गया है. कंपनी से एक हफ्ते के अंदर जवाब मांगा गया है.

बॉर्नविटा
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 27 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 1:29 PM IST
  • बॉर्नविटा पर शुरू हो गई कार्रवाई
  • सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर ने उठाया सवाल

दूध के साथ पिए जाने वाले चॉकलेट पाउडर बॉर्नविटा के बारे में तो हम सभी जानते हैं. लेकिन कुछ दिनों से उसको लेकर काफी विवाद चल रहा है. ये विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है. कुछ दिनों पहले एक इंफ्लूएंसर ने बॉर्नविटा में चीनी के कॉन्टेंट पर सवाल उठाए थे. अपने वीडियो में उसने कहा था कि बॉर्नविटा की टैगलाइन "तैयारी जीत की" नहीं "तैयारी डायबिटीज की" होनी चाहिए. उसका ये भी कहना था कि बॉर्नविटा के पैकेट में आधी मात्रा तो केवल चीनी की होती है. इस विवाद के बाद अब बॉर्नविटा पर कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है. 

बॉर्नविटा पर शुरू हो गई कार्रवाई
अब राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बॉर्नविटा बनाने वाली कंपनी से रिपोर्ट सबमिट करने को कहा है. आयोग ने कंपनी से चॉकलेट फ्लेवर्ड पाउडर में हानिकारक तत्वों के आरोपों पर जवाब देने को कहा है. इसके अलावा आयोग ने यूएस की दिग्गज स्नैक्स कंपनी की भारतीय शाखा मोंडेलेज इंडिया इंटरनेशनल (Mondelez India International) से रिव्यू करने को कहा है और सभी भ्रामक विज्ञापनों और लेबल्स को हटाने का आदेश दिया है. बता दें कि बॉर्नविटा मोंडेलेज इंडिया इंटरनेशनल द्वारा बनाई जाती है. यह कैडबरी (Cadbury) की सब्सिडियरी कंपनी है.

नोटिस में कही गई ये बात 
आयोग ने मोंडेलेज इंटरनेशनल को दिये नोटिस में कहा, 'इस प्रोडक्ट के बारे में आयोग को बताया गया है कि इसमें काफी अधिक मात्रा में चीनी है. साथ ही कुछ ऐसे तत्व हैं जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं' बाल अधिकार आयोग ने कहा कि बॉर्नविटा FSSAI के दिशानिर्देशों और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत अनिवार्य डिस्क्लोजर्स दिखाने में विफल रही है. आयोग ने एक हफ्ते के अंदर कंपनी से जवाब मांगा है.

क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में इंफ्लूएंसर रेवंत हिमतसिंग्का ने कहा था कि बॉर्नविटा हेल्थ ड्रिंक नहीं है. उन्होंने अपने वीडियो में लिखा था, "कोरोना से पहले इम्यून सिस्टम को लेकर बॉर्नविटा के पैकेट पर कोई जानकारी नहीं दी जाती थी. कोरोना के बाद बॉर्नविटा पैकेट के ऊपर इम्यूनिटी सिस्टम को जोड़ दिया गया. जबकि उत्पाद में कोई बदलाव नहीं हुआ था." हिमतसिंग्का ने कहा कि इस पैकेट में चीनी दूसरा सबसे बड़ा इनग्रेडिएंट है. उन्होंने कहा कि पैकेट में आधी मात्रा सिर्फ चीनी की है. इसके अलावा इसमें कलर और चॉकलेट है. उन्होंने कहा, 'बॉर्नविटा में कैरेमल कलर का इस्तेमाल हुआ है. यह कैंसर पैदा करता है और इम्यूनिटी को घटाता है.' 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement