रसोई में इस्तेमाल होने वाला तेल हमारी रोज की खाने की जरूरत का हिस्सा है. लेकिन अगर तेल खुला बिक रहा हो, उसमें मिलावट हो या एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल किया जा रहा हो, तो यह सेहत के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है. इसी वजह से महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने राज्य में खुले तेल की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं.
FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने लोगों से भी खुला तेल न खरीदने की अपील की है. नए नियम सिर्फ दुकानदारों के लिए नहीं हैं. तेल बनाने वाली कंपनियों से लेकर पैकिंग, सप्लाई, दुकानों और ऑनलाइन बिक्री तक, पूरी सप्लाई चेन को इन नियमों का पालन करना होगा.
खुला तेल खरीदना सबसे बड़ा खतरा
खुले तेल की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि ग्राहक को उसके बारे में पूरी जानकारी नहीं मिलती. तेल किस कंपनी का है, कब बना है, उसमें क्या मिला है और उसकी गुणवत्ता कैसी है, यह पता करना मुश्किल होता है. ऐसे में अगर तेल में मिलावट हो तो उसे पहचानना भी आसान नहीं होता. जांच के दौरान FDA को कुछ ऐसी कंपनियां मिलीं, जो बिना लाइसेंस काम कर रही थीं.
सरसों का तेल खरीदते समय रखें खास ध्यान
FDA ने सरसों के तेल को लेकर भी साफ निर्देश दिए हैं. सरसों का तेल 100% शुद्ध होना चाहिए. इसमें किसी दूसरे तेल की मिलावट नहीं की जा सकती. इसलिए तेल खरीदते समय कोशिश करें कि हमेशा सीलबंद पैकेट ही लें. पैकेट पर कंपनी का नाम, तेल की मात्रा, बैच नंबर, बनाने की तारीख और एक्सपायरी डेट जरूर देख लें.
एक ही तेल बार-बार गर्म करना भी ठीक नहीं
सिर्फ खुला तेल ही चिंता की वजह नहीं है. एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल करना भी नुकसानदायक हो सकता है. खासकर होटल, ढाबों और दुकानों में एक ही तेल को कई बार गर्म करके इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं.
बार-बार गर्म करने से तेल में Total Polar Compounds यानी TPC, ट्रांस फैटी एसिड, एल्डिहाइड और कुछ दूसरे हानिकारक तत्व बढ़ सकते हैं. लंबे समय तक ऐसा तेल खाने से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल और दूसरी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है. इसका असर ब्लड प्रेशर, दिल, लिवर और किडनी की सेहत पर भी पड़ सकता है. FDA के मुताबिक, इस्तेमाल किए गए तेल में TPC 25% से ज्यादा होने पर उसे दोबारा खाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. वहीं ताजे तेल में TPC 15% से ज्यादा नहीं होना चाहिए
पेंट या केमिकल वाले डिब्बे में रखा तेल न खरीदें
तेल रखने वाले कंटेनर को लेकर भी FDA ने सावधानी बरतने को कहा है. जिस डिब्बे में पहले पेंट, केमिकल, लुब्रिकेंट या मिनरल ऑयल रखा गया हो, उसमें खाने का तेल नहीं रखना चाहिए. इसी तरह जंग लगे, टूटे या खराब कंटेनर में रखा तेल भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता. एक बार इस्तेमाल किए जा चुके टिन के डिब्बों को भी दोबारा खाने की चीजों की पैकिंग में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
FDA ने साफ किया है कि बिना लाइसेंस काम करना, तेल में मिलावट करना, घटिया तेल बेचना, गलत लेबल लगाना, एक्सपायरी के करीब तेल को दोबारा पैक करना या गलत पैकेजिंग का इस्तेमाल करना नियमों का उल्लंघन है.
असुरक्षित खाने के मामले में 10 लाख रुपए तक जुर्माना और जेल हो सकती है. घटिया तेल बेचने पर 5 लाख रुपए तक, गलत जानकारी या ब्रांडिंग पर 3 लाख रुपए तक और मिलावट वाली चीजें रखने पर 10 लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है. भ्रामक विज्ञापन पर भी 10 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है. गंभीर मामलों में 7 साल तक जेल हो सकती है.
आम लोगों को क्या करना चाहिए?
इस पूरे मामले में आम ग्राहक के लिए सबसे आसान बात है खुला तेल खरीदने से बचें. कोशिश करें कि हमेशा सीलबंद और लेबल वाला तेल ही खरीदें. पैकेट की तारीख और दूसरी जानकारी जरूर पढ़ें.