आईआईटी दिल्ली के डिपार्टमेंट ऑफ टैक्सटाइल एंड फाइबर इंजीनियरिंग ने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी आफ डिजाइन और दिल्ली एम्स के डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक्स ने साथ मिलकर नवजात बच्चों के लिए एक ऐसा जैकेट तैयार किया है जो मां जैसी गर्माहट शिशुओं तक पहुंचाएगा. जैकेट बनाने वाले डिपार्टमेंट ने इसका नाम "मम्मा पॉड" दिया है. ये पॉड कम वजन के बच्चों के लिए एक वरदान साबित होगा.
"मम्मा पॉड" से मिलेगा बच्चों को कंगारू मदर केयर
भारत में नवजात शिशु के मृत्यु होने का सबसे बड़ा कारण नवजात शिशुओं का औसत से कम वजन का होना होता है. कम वजन के बच्चों के लिए कंगारू मदर केयर देने के लिए कहा जाता है, जिसमें बच्चे के शरीर को मां के शरीर की गरमाहट दी जाती है,इस जैकेट का नाम "मम्मा पॉड" रखा गया है जिसमें एक पाउच है इसी में नवजात को मां की छाती के बीच में रखा जाता है इससे मां के शरीर की गर्माहट बच्चे को मिलती है
पूरी तरह से आरामदायक है ये जैकेट
(Department of Textile and Fibre Engineering IIT-D) की Dr. Deepti Gupta बताती हैं कि भारत में यह जैकेट बेहद उपयोगी है, पोस्टपार्टम मां इसे आराम से पहन सकती है और बच्चे को कंगारू मदर केयर दे सकती है, जैकेट में इस्तेमाल फैब्रिक भी आरामदायक रखा गया है, ताकि मां और बच्चे दोनों में से किसी को परेशानी ना हो.
बिना बिजली के चलता है ये पॉड
मां बच्चे को इस पाउच में 24 घंटे के लिए रख सकती है . इसको खास इसी लिए डिजाइन किया गया है ताकि मां के शरीर को कोई परेशानी ना हो, साथ ही बच्चा भी पूरे आराम के साथ जैकेट में सुरक्षित रह सके. भारत में कृत्रिम साधनों से भी बच्चों को गर्माहट दी जाती है जिसमें इनक्यूबेटर का इस्तेमाल होता है, जिसमें प्रीमेच्योर बेबी और कम वजन के बच्चों को रखा जाता है जब तक वह औसत वजन के नहीं हो जाते. लेकिन इन्हें चलाने के लिए बिजली चाहिए होती है जो हर जगह उपलब्ध नहीं हो सकती, ऐसे में नया आविष्कार "मम्मा पॉड" एक वरदान की तरह है, जिसके साथ मां 24 घंटे के लिए अपने बच्चे को साथ रख सकती है, और सिर्फ मां ही नहीं पिता या घर का कोई भी सदस्य बच्चे को गर्माहट देने के लिए जैकेट का उपयोग कर सकता है.