मेदांता के जाने माने डॉक्टर नरेश त्रेहन ने बताई कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को अचानक हार्ट अटैक आने की वजह, पढ़ें इससे बचाव के उपाय

बुधवार को जाने माने कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को दिल का दौरा पड़ा है. जिसके बाद उन्हें AIIMS दिल्ली में भर्ती करवाया गया. अचानक आए हार्ट अटैक को लेकर मेदांता अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ नरेश त्रेहन ने इसके पीछे की वजह बताई है. उनके मुताबिक ये एक तरह का साइलेंट हार्ट अटैक होता है. इसमें पेशेंट को हार्ट अटैक के बारे में पता ही नहीं चल पाता है.

Heart attack
तेजश्री पुरंदरे
  • नई दिल्ली,
  • 10 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 10:05 PM IST
  • तनाव बिलकुल भी ना लें
  • जरूर करवाएं रेगुलर चेकअप 

कॉमेडियन और भाजपा नेता राजू श्रीवास्तव जिम में वर्कआउट करते हुए अचानक ही बेहोश हो गए. जब उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया तो पता चला कि उन्हें हार्ट अटैक आया था. हम आए दिन वर्कआउट करते हुए दिल के दौरे की खबरें सुनते हैं. ऐसे में  मेदांता अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर और जाने माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नरेश त्रेहन बताते हैं कि जिस तरह के केस अभी सामने आ रहे हैं उन्हें साइलेंट हार्ट अटैक कहते हैं. इसमें पेशेंट को हार्ट अटैक के बारे में पता ही नहीं चल पाता है. 

क्यों आता है अचानक अटैक?

 डॉ. नरेश त्रेहन कहते है, “ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पेशेंट के हार्ट की आर्टरी में ब्लॉकेज होता है. जब आप एक्सरसाइज करते हैं तब खून की डिमांड शरीर में बढ़ जाती है. ब्लॉकेज के कारण ब्लड पंपिंग ठीक से नहीं हो पाती इसलिए लोग कार्डियक अरेस्ट का तुरंत शिकार हो जाते हैं. आज कल कई जाने माने चेहरे इसका शिकार हो रहे हैं जैसा राजू श्रीवास्तव के साथ हुआ."

जरूर करवाएं रेगुलर चेकअप 

डॉ नरेश त्रेहन कहते हैं, “मेरे पास भी कई ऐसे पेशेंट्स आते हैं जो अचानक ही हार्ट अटैक का शिकार हो जाते हैं. या तो वो कसरत कर रहे होते हैं या फिर कुछ दौड़ भाग वाला काम. इस तरह के पेशेंट्स हफ्ते में 2-3 तो आ ही रहे हैं. इसके लिए जरूरी है कि लोग रेगुलर प्रिवेंटिव चेकअप करवाएं.”  

डॉ के मुताबिक, अगर किसी की फैमिली हिस्ट्री है तो उन्हें 25 की उम्र में हार्ट चेक करवाना चाहिए और यदि नहीं है तो 30 की उम्र तक चेकअप करवाना चाहिए. 

व्यक्ति को कैसे बचाया जा सकता है?

डॉ नरेश त्रेहन इसके ट्रीटमेंट के बारे में बात करते हुए कहते हैं कि जिस व्यक्ति को हार्ट अटैक आया है उसे सीपीआर देकर बचाया जा सकता है. सीपीआर देने के 2 नोमेनक्लेचर होते हैं. पहला बेसिक सीपीआर और दूसरा एडवांस लाइफ सपोर्ट.  

डॉ नरेश कहते हैं, “बेसिक सीपीआर में यदि किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक आने के 10 मिनट भीतर बेसिक लेवल का सीपीआर मिल जाए तो उसे बचाने के चांसेस 50% तक रहते हैं. वहीं यदि सीपीआर वक्त पर न मिले तो ब्रेन डैमेज भी हो सकता है. वहीं, एडवांस लाइफ सपोर्ट सीपीआर में बेसिक के बाद यदि पेशेंट को एडवांस लाइफ सपोर्ट सीपीआर दिया जाता है तो पेशंट खतरे से बाहर हो जाता है.”

कैसे करें दिल से जुड़ी बीमारियों से खुद का बचाव? 

-अपने वजन को अपने बीएमआई के मुताबिक कंट्रोल में रखें. 

 -नियमित रूप से एक्सरसाइज करें, इसमें 40 मिनिट में 4 किमी की वॉक करें. 

-तनाव बिलकुल भी ना लें.

-योग और प्राणायाम करें. 

-तंबाकू, शराब और धूम्रपान से दूर रहें. 


 

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