UK में मेनिनजाइटिस के से दो छात्रों की मौत हो गई है. इनमें एक 18 वर्षीय छात्रा और एक 21 वर्षीय यूनिवर्सिटी छात्र शामिल हैं. UK Health Security Agency के अनुसार, शुक्रवार से रविवार के बीच 13 ऐसे मामले सामने आए जिनमें मेनिनजाइटिस और सेप्टीसीमिया के लक्षण पाए गए हैं.
हालात को देखते हुए एहतियात के तौर पर 30,000 से ज्यादा छात्रों, स्टाफ और उनके परिवारों से संपर्क किया जा रहा है और कई लोगों को एंटीबायोटिक भी दिए जा रहे हैं. साथ ही स्कूल और यूनिवर्सिटी दोनों जगह मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई है.
मेनिनजाइटिस क्या होता है?
मेनिनजाइटिस एक गंभीर संक्रमण है, जिसमें दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड (रीढ़ की हड्डी) को ढकने वाली झिल्लियों मेनिन्जेस में सूजन आ जाती है. यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, लेकिन यह खासतौर पर शिशुओं, बच्चों, किशोरों और युवाओं में ज्यादा देखी जाती है. अगर समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकती है.
इनवेसिव मेनिनजाइटिस क्या होता है?
जब यह संक्रमण ज्यादा गंभीर हो जाता है और बैक्टीरिया खून या दिमाग की झिल्लियों में तेजी से फैल जाता है, तो इसे इनवेसिव मेनिनजाइटिस कहा जाता है. यह स्थिति सेप्सिस का कारण बन सकती है और दिमाग को नुकसान पहुंचा सकती है. इससे जान भी जा सकती है.
किन कारणों से होता है मेनिनजाइटिस?
बैक्टीरिया (ज्यादा खतरनाक)
वायरस (कम गंभीर)
बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस कम मामलों में होता है, लेकिन यह ज्यादा खतरनाक होता है और तेजी से जानलेवा बन सकता है.
मेनिनजाइटिस के लक्षण क्या हैं?
तेज बुखार
लगातार और तेज सिरदर्द
गर्दन में अकड़न
उल्टी और दस्त
शरीर और जोड़ों में दर्द
तेज रोशनी से परेशानी
हाथ-पैर ठंडे पड़ना
दौरे (सीजर्स)
कंफ्यूजन या बेहोशी
बहुत ज्यादा नींद आना या जागने में कठिनाई
त्वचा पर ऐसा रैश जो दबाने पर भी न हटे
कैसे फैलती है ये बीमारी?
मेनिनजाइटिस फैलने की सबसे बड़ी वजह संक्रमित व्यक्ति के मुंह या नाक से निकलने वाली बूंदें होती हैं.
खांसने या छींकने से
किस करने से
एक ही बर्तन या पानी की बोतल शेयर करने से
भीड़भाड़ वाली जगहों जैसे स्कूल, कॉलेज और हॉस्टल में इसका खतरा ज्यादा होता है.
क्या भारत में भी खतरा है?
भारत में मेनिनजाइटिस के मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं, खासकर बच्चों में. हालांकि UK जैसी बड़ी आउटब्रेक स्थिति कम ही देखने को मिलती है. विशेषज्ञों के अनुसार, भीड़भाड़ वाले इलाकों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में इसका खतरा ज्यादा रहता है. मेनिनजाइटिस से बचाव के लिए कई वैक्सीन उपलब्ध हैं.
मेनिनजाइटिस से बचने के लिए क्या करें?
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचें
खांसते-छींकते समय मुंह ढकें
हाथों को नियमित रूप से साफ करें
किसी के साथ खाने-पीने की चीजें शेयर न करें
भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी रखें