घर को खुशबूदार बनाने के लिए आजकल रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल काफी आम हो गया है. बाजार में स्प्रे, प्लग-इन, ऑटोमैटिक स्प्रे, जेल, रीड डिफ्यूजर और फ्रेगरेंस बीड्स जैसे कई तरह के रूम फ्रेशनर मिलते हैं. इनसे कमरे की बदबू कुछ समय के लिए दूर हो जाती है और अच्छी खुशबू आने लगती है. लेकिन क्या रोजाना रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करना पूरी तरह सेफ है?
रूम फ्रेशनर में खुशबू देने वाले केमिकल, एसेंशियल ऑयल और कुछ दूसरे पदार्थ हो सकते हैं. कई लिक्विड फ्रेशनर में खुशबू वाले तेल को ऐसे सॉल्वेंट के साथ मिलाया जाता है, जिससे उसकी खुशबू हवा में फैल सके. स्प्रे वाले फ्रेशनर में गैस का इस्तेमाल भी हो सकता है. वहीं जेल और बीड्स धीरे-धीरे खुशबू छोड़ते हैं.
रूम फ्रेशनर से खुशबू के साथ कुछ ऐसे केमिकल हवा में फैल सकते हैं. ज्यादा मात्रा में या लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने को लेकर चिंता जताई गई है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि रूम फ्रेशनर की हल्की खुशबू से हर व्यक्ति बीमार हो जाएगा. असर व्यक्ति की संवेदनशीलता, इस्तेमाल की मात्रा और कमरे की हवा पर निर्भर करता है.
अगर फ्रेशनर इस्तेमाल करने के बाद खांसी, गले में जलन, सिरदर्द या सांस लेने में परेशानी होने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे समय पर ताजी हवा वाली जगह पर जाना बेहतर है.
लिक्विड रिफिल, जेल, रीड डिफ्यूजर और खुशबू वाले बीड्स बच्चों के लिए खास तौर पर खतरनाक हो सकते हैं. बच्चे इन्हें गलती से मुंह में डाल सकते हैं. इन्हें हमेशा बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें.
रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल हमेशा कम मात्रा में करें. बंद कमरे में बार-बार स्प्रे करने से बचें और खिड़की खोलकर हवा आने-जाने दें. केवल खुशबू से बदबू छिपाने के बजाय बदबू की असली वजह को साफ करें. स्प्रे वाले फ्रेशनर को आग, मोमबत्ती और सिगरेट से दूर रखें, क्योंकि इनमें मौजूद कुछ पदार्थ आग पकड़ सकते हैं.