Advertisement

सर्वाइकल कैंसर के लिए स्वदेशी वैक्सीन लॉन्च करने की तैयारी में भारत, सीरम इंस्टिट्यूट ने की DCGI से अप्रूवल की मांग 

बता दें, सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली बीमारी है. पुणे स्थित फर्म SII ने ये अप्रूवल तब किया है जब वे दूसरे फेज के क्लीनिकल ट्रायल खत्म कर चुके हैं. 

Cervical Cancer
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 08 जून 2022,
  • अपडेटेड 10:43 PM IST
  • महिलाओं में सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर
  • जीवन रक्षक टीका हो सकता है साबित 

सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया (SII) ने सर्वाइकल कैंसर के लिया स्वदेशी रूप से विकसित भारत की पहली क्वाड्रिवेलेंट ह्यूमन पैपिलोमावायरस वैक्सीन (qHPV) को बनाने के लिए मार्किट ऑथराइजेशन की मांग की है. SII ने बुधवार को ये आवेदन ड्रग रेगुलेटर बॉडी से किया है. बता दें, पुणे स्थित फर्म ने ये अप्रूवल तब किया है जब वे दूसरे फेज के क्लीनिकल ट्रायल खत्म कर चुके हैं. 

महिलाओं में सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर  

आपको बता दें, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया को जो आवेदन दिया गया है उसमें SII के डायरेक्टर प्रकाश कुमार सिंह ने कहा है कि हर साल लाखों महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के साथ-साथ कुछ दूसरे कैंसर का पता चलता है और इस बीमारी से मरने वाली महिलाओं की संख्या भी बहुत ज्यादा है. भारत में सर्वाइकल कैंसर 15 से 44 साल की उम्र की महिलाओं में दूसरा सबसे ज्यादा बार होने वाला कैंसर है.

जीवन रक्षक टीका हो सकता है साबित 

आवेदन में आगे कहा गया, "कई दूसरे स्वदेशी जीवन रक्षक टीकों की तरह, हम भारत की पहली स्वदेशी qHPV वैक्सीन के लिए भी अपने देश को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं. यह हमारे 'वोकल फॉर लोकल' और  'मेकिंग इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड' के सपने को भी पूरा करेगा. इसके साथ हम ह्यूमन पैपिलोमावायरस (टाइप 6, 11, 16 और 18) वैक्सीन रीकॉम्बिनेंट की मदद से कैंसर को भी रोक सकेंगे.” 

क्या है सर्वाइकल कैंसर?

दरअसल, सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली बीमारी है. ये महिलाओं की सर्विक्स की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है. सर्विक्स यानि यूट्रस के निचले भाग वाला हिस्सा है जो वेजाइना से अटैच होता है. बस सर्वाइकल कैंसर इसी हिस्से को इफ़ेक्ट करता है. आंकड़ों की मानें तो मौजूदा समय में इस बीमारी से हर 2 मिनट में किसी न किसी व्यक्ति की जान चली  जाती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,  42 देशों में महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौतों का यह प्रमुख कारण है.


 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement