बंगाल के मिड-डे मील में अब नहीं मिलेगा अंडा, वेजिटेरियन हैं तो डाइट में शामिल करें ये 5 फूड, प्रोटीन की कमी नहीं होगी

बंगाल सरकार ने कई स्कूलों में मिड-डे मील का संचालन इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस) को सौंपा है. इसके बाद जिन स्कूलों में इस्कॉन भोजन उपलब्ध करा रहा है, वहां मेन्यू पूरी तरह शाकाहारी कर दिया गया है.

Protein Food
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 26 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:51 AM IST
  • बंगाल के मिड-डे मील से अंडा हटा
  • शाकाहारी लोगों के लिए सबसे दमदार प्रोटीन स्रोत

बंगाल के स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील से अंडा हटा दिया गया है. सरकार ने मिड-डे मील का जिम्मा इस्कॉन को दे दिया है. और इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस-ISKCON) ने मेन्यू से अंडा हटाकर पूरा मेन्यू वेजिटेरियन कर दिया है.

अंडा प्रोटीन का सबसे लोकप्रिय सोर्स है, लेकिन ऐसा नहीं है कि वेजिटेरियन फूड से प्रोटीन मिलता ही नहीं है. अगर भोजन संतुलित हो तो कई शाकाहारी चीजें भी शरीर को पर्याप्त प्रोटीन दे सकती हैं. खास बात यह है कि इनमें से कई विकल्प फाइबर, कैल्शियम, आयरन और दूसरे जरूरी पोषक तत्व भी देते हैं.

प्रोटीन के लिए सिर्फ अंडे पर निर्भर रहना जरूरी नहीं
शरीर को मांसपेशियां बनाने, ऊतकों की मरम्मत करने और ग्रोथ के लिए प्रोटीन चाहिए. प्रोटीन ब्लड शुगर को स्थिर रखता है. इसके बिना ब्लड शुगर का स्तर तेजी से ऊपर-नीचे होता है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस होती है. एक स्वस्थ व्यक्ति को उसके प्रति किलोग्राम वजन के हिसाब से रोज़ाना 0.8-1 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है. (जैसे- 60 किलो वजन = 48 से 60 ग्राम प्रोटीन रोज़ाना).

अंडा प्रोटीन एक अच्छा स्रोत है, लेकिन अगर कोई शाकाहारी है या अंडा नहीं खाता, तो चिंता की जरूरत नहीं है. सही मात्रा में अलग-अलग शाकाहारी प्रोटीन स्रोतों को मिलाकर खाने से शरीर की जरूरत आसानी से पूरी की जा सकती है.

1. सोयाबीन: सबसे ज्यादा प्रोटीन देने वाला वेज फूड
अगर प्रोटीन की बात करें तो सोयाबीन सबसे मजबूत शाकाहारी विकल्पों में गिना जाता है. इसमें कई बार अंडे से भी ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है. सोया चंक्स, टोफू या उबले सोयाबीन को नियमित डाइट में शामिल किया जा सकता है. इसमें प्रोटीन के साथ आयरन और कई जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं.

2. दालें: हर दिन खाएं, हर उम्र के लिए फायदेमंद
अरहर, मूंग, मसूर, उड़द और चना दाल जैसी दालें प्रोटीन का आसान और सस्ता स्रोत हैं. दालों में फाइबर भी भरपूर होता है, जिससे पाचन बेहतर रहता है और पेट लंबे समय तक भरा रहता है. चावल या रोटी के साथ दाल खाने से शरीर को बेहतर गुणवत्ता वाला प्रोटीन मिलता है.

3. स्प्राउट्स: प्रोटीन के साथ विटामिन का खजाना
अंकुरित मूंग, चना और अन्य दालों में प्रोटीन के साथ विटामिन C, फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट भी बढ़ जाते हैं. स्प्राउट्स शरीर को ऊर्जा देने के साथ इम्यूनिटी मजबूत करने में भी मदद करते हैं. इन्हें सलाद या नाश्ते में आसानी से शामिल किया जा सकता है.

4. पनीर और दूध: प्रोटीन के साथ कैल्शियम भी
पनीर और दूध सिर्फ प्रोटीन ही नहीं देते, बल्कि कैल्शियम का भी बेहतरीन स्रोत हैं. इससे हड्डियां और दांत मजबूत रहते हैं. बढ़ते बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह बहुत अच्छा विकल्प माना जाता है.

5. चना और मूंगफली
भुना चना, काबुली चना और मूंगफली में अच्छी मात्रा में प्रोटीन, हेल्दी फैट और फाइबर होता है. ये शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देते हैं और बार-बार भूख लगने से भी बचाते हैं. इन्हें स्नैक या सलाद के रूप में खाया जा सकता है.

 

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